ब्रेकिंग न्यूज:- दिनांक 31/01/2022
सँयुक्त किसान मोर्चा नई दिल्ली के आह्वान पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों से
31 जनवरी को “विश्वासघात दिवस” के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा सिंगरौली ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन पत्र

BK NEWS:सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन सँयुक्त किसान मोर्चा नई दिल्ली के निर्देशानुसार केंद्र एवं राज्य सरकारो द्वारा किसानों से 31जनवरी को “विश्वासघात दिवस” के अवसर पर सिंगरौली भारतीय किसान सभा अध्यक्ष भगवान आश्रय नामदेव के नेतृत्व में किसानों द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम सिंगरौली कलेक्टर के प्रतिनिधि सँयुक्त कलेक्टर बीपी पाण्डेय को माँगपत्र का ज्ञापन सौंपा गया ।

वही संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले देश के किसानों ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी कानून को रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी हासिल करने और अन्य किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अभूतपूर्व आंदोलन चलाया और इस आंदोलन चलते हस्ताक्षर से 3 किसान विरोधी कानूनों को रद्द किया गया ।
वही सँयुक्त किसान मोर्चा ने 21 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर बकाया छह मुद्दों की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट किया और उसके जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने 9 दिसंबर 2021 को संयुक्त मोर्चा किसान के नाम एक पत्र सचिव/ ऐएफडब्ल्यू /2021
/1मिशन लिखा जिसमें उन्होंने कुछ मुद्दों पर सरकार की ओर से आश्वासन दिये और आंदोलन को वापस लेने का आग्रह किया और चिट्ठी पर भरोसा कर संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली के बॉर्डर पर लगे मोर्चा और तमाम धरना प्रदर्शनों को 11 दिसंबर से उठा लेने का निर्णय किया ।
श्री नामदेव बताया कि आपको यह बताते हैं हमें बेहद दुख और रोष हो रहा है कि एक बार फिर देश के किसानों साथ धोखा हुआ है और भारत सरकार के 9 दिसंबर के जिस पत्र के आधार पर मोर्चे उठाने का फैसला किया था सरकार ने उनमें से कोई वादा पूरा नहीं किया इसलिए पूरे देश के किसानों ने 31 दिसंबर 2022 को *”विश्वासघात दिवस”मनाने का फैसला लिया है ।
वही चिट्ठी में वादा था- किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस प्रभाव से लिये जायेगे और वही केस वापस लेने के सहमति उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान की गयी ।
हकीकत है कि सरकार का वादा था कि आंदोलन के दौरान शहीद परिवारों को हरियाणा, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सैद्धांतिक सहमति दी है और वही हकीकत है कि शहीद किसान परिवार को मुआवजा देने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कोई कार्यवाही शुरू नहीं की है हरियाणा सरकार की तरफ से मुआवजे की राशि और स्वरूप के बारे में कोई निर्णय घोषित नहीं हुआ ।
लखीमपुर खीरी हत्याकांड में एसआईटी की रिपोर्ट में षड्यंत्र की बात स्वीकार करने के बावजूद भी इस कांड के प्रमुख षड्यंत्रकारी अजय मिश्र टेनी का केंद्रीय मंत्रिमंडल में बना रहना हर संवैधानिक और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है और यह तो किसानों के घाव पर नमक छिड़कने का काम है और वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस इस घटना में नामजद किसानों को केस में फंसाने और गिरफ्तार करने का काम लगातार कर रही है और इसी प्रकार अन्य भी गम्भीर मुद्दे हैं ।
उक्त ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान सभा सिंगरौली अध्यक्ष भगवान आश्रय नामदेव, अजय कुमार मिश्रा, संजय शर्मा, सुनैना, मनोकामना पटेल, आरआर तिवारी, अंजनी कमला नामदेव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।
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