ग्वालियर-भोपाल, इंदौर दिल्ली, मुंबई, सहित अन्य रेड जोन शहरों से छिपकर शहर में आने वालों की तलाश अब ग्वालियर पुलिस खुद करेगी। इनकी पड़ताल कंट्रोल कमांड सेंटर, पुलिस हेल्प लाइन व कंट्रोल रूम पर आए फोन कॉल्स, मैसेज के आधार पर शुरू की जा रही है। इन लोगों को तलाशकर हिस्ट्री खंगाली जाएगी। जो अभी तक बिल्कुल छिपे हुए हैं उन पर अपने आने की बात छुपाने पर पुलिस एफआईआर भी दर्ज करेगी। इसके लिए पुलिस ने लिस्ट भी तैयार कर ली है। अब थाना स्तर पर लिस्ट को डिवाइड कर विशेष निगरानी में दिया जाएगा। बीते 35 दिन में इस तरह के एक हजार से ज्यादा कॉल विभिन्न हेल्प लाइन नंबर पर आए हैं। इन नंबर को ही कलेक्ट कर पुलिस काम शुरू करने जा रही है। पहली सूची में हाल ही में आए लोगों से शुरूआत होगी।
वैश्विक महामारी कोरोना की चेन तोड़ने पूरा देश लॉकडाउन से जूझ रहा है। जो जहां है उसे वहीं रहने के लिए कहा गया है। सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी पर ही आने जाने के लिए ई-पास दिया जा रहा है। ऐसे में दूसरे राज्यों, शहरों में फंसे लोग घबराकर अपने-अपने घरों को लौट रहे हैं। ऐसे लोगों को आने पर चैक पोस्ट पर सूचना देने और एंट्री कराने के लिए कहा गया था, लेकिन पिछले 35 दिन में कई लोग दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई के शहरों सहित प्रदेश के भोपाल, इंदौर व जबलपुर से बिना बताए ग्वालियर शहर में आए और अपनी हिस्ट्री भी छिपाकर रखे हुए हैं। अब ऐसे ही लोगों की तलाश पुलिस शुरू करने जा रही है। एसपी ग्वालियर नवनीत भसीन ने बताया है कि ऐसे लोगों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ा जाएगा। यह लोग अपनी हिस्ट्री छिपाकर शहर का माहौल खराब कर सकते हैं। इसलिए अब थाना स्तर पर अभियान चलाकर इनकी तलाश शुरू की जा रही है। इसमें जो लोग बिना सूचना के आने और रहते पकड़े जाते हैं उन पर लॉकडाउन के उल्लघंन व दूसरों की जान को खतरे में डालने पर मामला दर्ज किया जाएगा।
35 दिन में एक हजार कॉल
बाहर से आने वालों की सूचना देने के लिए कॉल, मैसेज ही पुलिस की जांच का आधार होगा। बीते 25 मार्च से 28 अप्रैल के बीच 35 दिन में इस तरह के एक हजार फोन व मैसेज कंट्रोल कमांड सेंटर, पुलिस हेल्पलाइन ग्रुप, पुलिस कंट्रोल रूम पर आए हैं। पुलिस हेल्पलाइन, पुलिस कंट्रोल रूम की सूची पुलिस के पास है। कंट्रोल कमांड सेंटर से भी सूची लगभग तैयार हो गई है। यह लिस्ट हाथ में आते ही पुलिस एक्शन मोड में आ जाएगी।
सबसे ज्यादा दिल्ली, मुंबई से आए लोग
शहर में बाहर से आने वालों में सबसे ज्यादा कॉल और मैसेज दिल्ली से आने वालों के आए हैं। जबकि वहां हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र मुंबई से तीसरे नंबर पर इंदौर आता है।
ऐसे लेगी पुलिस एक्शन
पुलिस कंट्रोल कमांड सेंटर पर आए ऐसे कॉल, मैसेज जिन पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। उन पर नंबर को ट्रैस कर वहां पहुंचेगी। इसके बाद कौन कब आया है इसका पता लगा बाहर से आने वालों के घर पहुंचेगी और उनसे पूछताछ करेगी। पहले उनकी हिस्ट्री खंगालेगी। इसके बाद पता करेगी कि आने की सूचना कही दर्ज कराई है या नहीं। यदि कोई सूचना दर्ज नहीं कराई है तो आईपीसी की धारा 188, 260 270 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही उन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा।
इस तरह पकड़े गए हैं मामले
केस-1 : माधवगंज में एक व्यापारी की बेटी इंदौर से ट्रक में छिपकर ग्वालियर पहुंच गई थी। पड़ोसियों ने सूचना दी तब उसके आने का पता लगा। जिस पर पुलिस घर पहुंची तो परिजन ने बात छिपाई। समझाइश देकर क्वारंटाइन कराया था।
केस-2 : झांसी रोड में इंदौर से छिपकर आए युवक को जब विक्की फैक्ट्री पर पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।
केस-3 : उदाजी की पायगा में एक वकील के दो बच्चों सहित इंदौर से आने की सूचना हेल्प लाइन पर मिली थी। यहां भी पुलिस पहुंची डॉक्टरों की टीम बुलाकर स्क्रीनिंग की गई। होम क्वारंटाइन किया गया था।
इन्होंने कहा
ऐसे लोग जो दिल्ली, इंदौरा व अन्य शहरों से छिपकर आए और रह रहे हैं। वह शहर के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे लोगों को कंट्रोल कमांड सेंटर से लिस्ट लेकर वैरीफाई किया जाएगा। जिसने आने की बात छिपाई होगी मामला भी दर्ज होगा। नवनीत भसीन, एसपी ग्वालियर
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