ग्वालियर -डबरा मेंकोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए बाहर से आने वाले और कोरोना संदिग्धों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। लेकिन ये लोग घरों के बाहर और बाजार में घूमते पाए जा रहे हैं। भ्रमण पर निकले एसडीएम के सामने भी इस तरह का मामला सामने आया। घर के बाहर होम क्वारेंटाइन का पर्चा चस्पा होने के बाद भी परिवार के लोग बाहर घूम रहे थे। इसके बाद घर के सदस्यों को अंदर बंद कर ताला लगाकर सील कर दिया गया और मामला भी दर्ज किया गया है। होम क्वारेंटाइन का उल्लंघन कर बाहर घूमने वालों पर नगर में केस दर्ज होने का यह पहला मामला है।
दरअसल, शहर में करीब तीन हजार से अधिक लोग दूसरे जिलों व प्रदेशों व देश से आए हैं। कुछ संदिग्ध भी हैं। इससे प्रशासन ने इनकी जानकारी लेकर सभी को होम क्वारेंटाइन किया है। वर्तमान में 700 परिवारों की होम क्वारेंटाइन की समयावधि चल रही है। लेकिन इनमें से अधिकांश लोग घरों के बाहर अाैर बाजार में भी खरीददारी से लेकर अन्य कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अन्य लोगों को संक्रमित होने का खतरा बढ़ सकता है। खास बात यह है कि बाहर से आने वालों की जानकारी लगने के बाद प्रशासन द्वारा केवल घर के बाहर पर्चा चस्पा कर दिया जाता है, लेकिन बाद में उनकी मॉनीटरिंग भी नहीं की जाती है। जिसका फायदा उठाकर लोग बाहर घूमने से नहीं रुक रहे हैं।
घर पर लगे होम क्वारेंटेन के फटे पर्चा को देखकर रुके एसडीएम, बाहर घूम रहे थे लोग
शहर में भ्रमण पर निकले एसडीएम राघवेंद्र पांडेय को कमल टॉकीज रोड पर एक मकान के बाहर होम क्वारेंटाइन का फटा हुआ पर्चा चस्पा किया हुअा दिखाई दिया, साथ ही गेट भी खुला हुआ था। मामले की जानकारी पता की तो हर्ष हबलानी और निकिता हबलानी कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के जलगांव से लौटे थे। जिसकी जानकारी लगने पर सात दिन पहले ही दोनों को चौदह दिन के लिए होम क्वारेंटाइन किया गया था। लेकिन यह दोनों लोग घर के बाहर घूम रहे थे। इसके बाद एसडीएम पांडेय ने टीम बुलवाकर उन्हें घर के अंदर बंद कर बाहर से ताला लगाकर मकान को सील कर दिया। साथ ही सिटी थाने में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विवाद होने की भी खबर हे
इसके अलावा अन्य कई लोग भी बाजार में घूम रहे हैं, जिन्हें प्रशासन ने होम क्वारेंटाइन किया है और उनके क्वारेंटाइन रहने की अवधि भी पूरी नहीं हुई है। अभी तक कुल 3 हजार परिवारों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। इनमें से कई बाहर से आए हैं तो कुछ को कोरोना मरीजों के संपर्क में आने के संदेह के चलते घरों में ही रहने को कहा गया है। हालांकि ज्यादातर संख्या बाहर से आए मजदूरों की है। कुछ लोग विदेश से भी आए हैं।
सूचना के पर्चे फाडे
होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों के घरों के बाहर प्रशासन ने पर्चे चिपकाए थे। इन पर्चों पर लिखा था कि इस मकान में संदिग्ध मरीज हैं, जिन्हें होम क्वारेंटाइन किया गया है और इनसे कम से कम 14 दिन दूरी बनाए रखें। लेकिन कई लोगों ने अपने घरों के बाहर लगे इस तरह के पर्चे ही फाड दिए। यह सरासर गलत है, क्योंकि कई लोग अनजाने में संदिग्धों के संपर्क में आना समस्या में पड़ सकते हैं।
निगरानी समिति गठित
होम क्वारेंटाइन किए जाने के बाद भी कुछ लोग बाहर घूमते हुए मिले, जिसके चलते हमने आज कार्रवाई की है। मकान को सील करने के साथ ही मामला भी दर्ज कराया गया है। होम क्वारेंटाइन किए जाने के बाद लोग बाहर न घूम सके इसके लिए निगरानी गठित कर दी गई है। राघवेंद्र पांडेय, एसडीएम, डबरा
यह है प्रावधान
यदि परिवार का कोई व्यक्ति जो कि होम क्वारेंटाइन किया गया है और वह बाहर घूमता हुआ पाया जाता है तो, उसके खिलाफ धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला किए जाने का प्रावधान है। यह गैर जमानती धाराएं है और इसमे दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान है। इसके अलावा जिस समयावधि तक होम क्वारेंटाइन किया गया है तब तक के लिए पूरे घर को सील कर दिया जाता है।
शहर में ज्यादातर जगहाें पर यही हाल, नहीं हो रहा नियमों का पालन
एसडीएम ने की कार्रवाई, शहर में इस तरह का पहला मामला दर्ज
इसलिए करते हैं होम क्वारेंटाइन
यदि कोई व्यक्ति शहर में दूसरे जिले, प्रदेश या देश से आता है या फिर किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई जान पड़ते हैं तो, ऐसे व्यक्तियों को प्रशासन द्वारा सैंपलिंग व जांच के बाद होम क्वारेंटाइन किया जाता है। जिससे यदि वह व्यक्ति संक्रमित निकलता है तो संक्रमितों की संख्या न बढ़ सके। होम क्वारेंटाइन किए जाने के बाद घर के बाहर पर्चा भी चस्पा किया जाता है जिसमें क्वारेंटाइन कब से कब तक किया गया है इसका ब्यौरा रहता है। इसके अलावा पर्चा पर यह भी अंकित रहता है कि अन्य लोग घर के आसपास से दूर रहें और यदि घर का कोई सदस्य संकर्क में आने का प्रयास करता है तो उससे दूर रहें।
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