ग्वालियर –
विजयपुर तहसील श्योपुर के गोहरा गांव निवासी मोनिका (16) पुत्री रमेश शाक्य को शनिवार की सुबह गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया। मोनिका को सांस लेने में तकलीफ के साथ खांसी-जुकाम व बुखार था। इलाज के दौरान किशोरी ने दम तोड़ दिया। दोपहर में किशोरी ने दम तोड़ दिया। लक्षणों के आधार पर किशोरी को कोरोना संदिग्ध मानते हुए डॉक्टरों ने शव परिजन के सुपुर्द नहीं किया, बल्कि उसे परिजन को समझाइश देने के साथ ही सीधे श्मशान भेज दिया। यहां उसके अंतिम संस्कार में सिर्फ पिता रमेश शाक्य को शामिल होने की अनुमति दी गई और अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस बल व डॉक्टर कई मीटर की दूरी पर खड़े रहे।
बड़ौदा में नाना के देहांत के बाद राजस्थान के बारां जिले के भंवरगढ़ से अाई नातिन सलोनी सोनी यहां से लौटने के बाद पॉजीटिव पाई गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बड़ौदा में रहने वाले उसके ननिहाल के 8 परिजन को क्वारेंटाइन करने छात्रावास में भेजा। इसके बाद इन परिजन के संपर्क में आए अन्य लोगोंं को भी क्वारेंटाइन के लिए चिन्ह्ति किया। इस तरह बड़ौदा के करीब 55 लोगों को छात्रावास व निजी होटल में क्वारेंटाइन कर दिया गया। लेकिन सलोनी के ननिहाल के परिजन व अन्य लोगों के सैंपल नहीं लिए गए हैं।
किशोरी के परिजन का लिया गया कोरोना सैंपल
अंतिम संस्कार के साथ ही श्योपुर से डॉक्टरों की टीम को विजयपुर भेजा गया, जहां उसके माता-पिता व भाई का कोरोना सैंपल लिया गया। साथ ही उक्त तीनों लोगों को छात्रावास में क्वारेंटाइन कर दिया गया, जहां वह 14 दिनों तक क्वारेंटाइन रहेंगे। इस बीच उनकी रिपोर्ट आने के साथ ही उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर से घर भेजने व न भेजने का फैसला लिया जाएगा।
मोनिका ग्वालियर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह 12 मार्च को घर आई। तभी से यही थी। इसके कुछ दिन बाद उसकी यहीं पर तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे लेकर गांव के ही एक झाड़फूंक करने वाले ओझा के पास लेकर पहुंचे। जहां उसे सुबह-शाम झाड़फूंक से ठीक करने का प्रयास किया गया। लेकिन जब किशोरी की शनिवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उसे विजयपुर अस्पताल लाया गया। यहां उसने दम ताेड़ दिया।
बीएमओ बोले- अस्पताल नहीं लाए परिजन, कराते रहे झाडफूंक, ज्यादा हालत बिगड़ी तब लाए
विजयपुर के गोहरा गांव से एक 16 साल की किशोरी को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। जहां उसे जुकाम-खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ व बुखार की शिकायत बताई गई। डॉक्टरों ने किशोरी का इलाज शुरु किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। यहां किशोरी को कोविड-19 संदिग्ध मानते हुए सुरक्षा के बीच उसका शव सीधे श्मशान भेजा गया, जहां सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया।
इधर… छात्रावास में क्वारेंटाइन युवक खिड़की से चादर के सहारे भाग निकला…
शहर के जयश्री पैलेस होटल में बड़ौदा के लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। लेकिन आस-पड़ोस के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। इसे लेकर पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान के साथ उनका भतीजा सहित अन्य होटल जयश्री पैलेस के पास रहने वाले लोग कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात कलेक्टर से तो नहीं हो सकी। लेकिन मामले में पूर्व विधायक ने कलेक्टोरेट से ही कलेक्टर को फोन लगाकर चर्चा की। जिसमें उन्होंने बताया कि रिहायशी इलाके में बड़ौदा के लोगों के आने से आस-पड़ोस के लोग परेशान हैं, इसलिए उक्त क्वारेंटाइन हुए लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। इस बीच लोगों ने बताया कि क्वारेंटाइन हुए लोग कभी भी बाहर निकलकर घूम रहे हैं।
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