बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र मेश्राम द्वारा थाना नवानगर के अप. क्र. 41/2017 धारा अंतर्गत 302 भादसं के अंतर्गत आरोपी रघुनाथ प्रसाद साकेत उम्र 46 वर्ष थाना नवानगर को आजीवन कारावास और दो हजार रुपये अर्थदण्ड एवं धारा 201 भादसं के अपराध में पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

वहीं दूसरे आरोपी दिलीप कुमार उर्फ छोटू पिता रघुनाथ उम्र 20 वर्ष को धारा 201 भादसं के अपराध में पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्ड किया गया है औऱ आरोपीगण द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा अलग से सुनायी गयी ।
उक्त मामले की मानिटरिंग लगातार लोक अभियोजन संचालक – पुरूषोत्तम शर्मा आई.पी.एस. द्वारा की जा रही थी उक्त संचालक के निर्देशन एवं कुशल मार्गदर्शन में विचारण के दौरान जिला अभियोजन अधिकारी – महेन्द्र सिंह गौतम द्वारा फरियादी की ओर से पैरवी करते हुये साक्ष्य प्रस्तुत किये गये और प्रस्तुत साक्ष्यों एवं प्रभावी तर्को से सहमत होते हुये न्यायालय ने आरोपी रघुनाथ प्रसाद साकेत को धारा 302 भादसं एवं 201 भादसं में आजीवन कारावास एवं दो हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है और वहीं दूसरे आरोपी दिलीप साकेत को धारा 201 भादसं के अपराध में पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है ।
उक्त घटना की जानकारी मीडिया प्रभारी आनन्ल कमलापुरी सहायता जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा दी गयी कि घटना 01 जुलाई 2017 को थाने में सूचना दिया दिया कि 30 जून 2017 को शायं करीब 6.15 बजे सुदामा प्रसाद वर्मा अपने ससुराल ढेकी जा रहा हूं यह कहकर घर से निकला था वहीं दिनांक 01 जुलाई 2017 को 6.15 बजे सुबह सुदामा के लडके अजय ने मोबाइल पर बताया कि ढेकी नाले के पास सुदामा की लाश पडी है और उक्त सूचना पर थाना नवानगर में मर्ग क्र.4/17 दर्ज कर जांच की गयी तो जांच के दौरान शव पंचनामा तैयार किया गया था और थाना नवानगर में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया और इसके बाद गवाहों के कथन के आधार पर यह पाया गया कि मृतक सुदामा प्रसाद को आरोपी रघुनाथ प्रसाद के घर जाते देखा गया था आरोपी रघुनाथ का मेमोरेण्डम लेख गया तो जिसमें पाया गया कि मृतक सुदामा प्रसाद दिनांक 30.06.2017 को ग्राम ढेकी आया था और रात 10 बजे घर जाते समय अपने रिश्तेदार रघुनाथ के घर गया था तो रघुनाथ और सुदामा प्रसाद छत के बाहर वाले कमरे में सोये थे और अंदर वाले कमरे में रघुनाथ की पत्नी सोयी थी और रात लगभग 12 बजे रघुनाथ जाता तो सुदामा चारपाई पर नहीं था तब अंदर के कमरे में देखा तो रघुनाथ की पत्नी के साथ लेटा था तभी रघुुनाथ चिल्लाया तो सुदामा उठकर रघुनाथ के पास आया तब वह गुस्से में रघुनाथ ने फाटक बंद करने के लिये रखा तभी बड़ा पत्थर उठाकर सुदामा के सिर में मार दिया जिससे उसकी मौत हो गयी ।
वही आरोपीगण द्वारा चारपाई को दिखाते पर उसकी सूतली पर लगे खून के निशान को सूतली सहित काटकर जप्त कर एफएसएल रिपोर्ट सागर भेजा गया और आरोपीगण को गिरफ्तार कर अपराध प्रमाणित पाये जाने पर सम्पूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायालय ने आरोपीगण को दण्डित कर जेल भेज दिया ।
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