ग्वालियर।
बिलौआ में संचालित क्रेशरों पर 300 करोड़ के बकाए को लेकरहाईकोर्ट की युगलपीठ ने नोटिस जारी किए हैं। शासन, प्रशासन, खनिज विभाग, विशेष स्थापना पुलिस से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।
लखन चौरसिया ने हाईकोर्ट में क्रेशरों के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जीपी चौरसिया ने तर्क दिया है कि वर्ष 2017 में एसडीएम ने क्रेशरों की जांच की थी। 23 क्रेशर संचालकों ने बिना रॉयल्टी चुकाए पत्थर का खनन किया। पत्थर से गिट्टी बनाकर बेची। इन क्रेशरों पर रॉयल्टी चोरी के मामले में 300 करोड़ की रिकवरी निकाली थी। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट कलेक्ट्रेट में जमा कर दी, लेकिन रॉयल्टी चोरी की जांच के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। फाइल को दबा दिया गया। इससे सरकार को भारी नुकसान हुआ है। पूरी जानकारी आरटीआई के तहत ली गई है। क्रेशरों पर 300 करोड़ की जो रॉयल्टी बकाया है, उसे वसूल किया जाए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद शासन, प्रशासन, खनिज विभाग को नोटिस जारी कर दिए हैं और 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।
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