ग्वालियर-
शिवपुरी कोटा गांव में नहर के पानी को लेकर चाचा-भतीजे की हत्या और पांच अन्य लाेगाें पर हमला कर फरार हुए पांच आराेपियाें काे पुलिस ने घटना के तीसरे दिन जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। हथियारों के साथ पकड़े गए पांचों आरोपियों को पुलिस ने सीधे न्यायालय में ले जाकर पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से पांचों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर ले लिया है। पांचों आरोपियों ने पुलिस ने रायफल, बंदूक, कट्टा फरसा आदि बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि उनके खेतों तक जाने का रास्ता रोक देने की वजह से हमने नहर के पानी पर रोक लगा दी थी। विवाद नहीं सुलझने के कारण हत्या के लिए बाध्य होना पड़ा। पुलिस दूसरे पांच अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की बात कह रही है। जानकारी के मुताबिक, 25 नवंबर की सुबह चाचा प्रेमसिंह और भतीजे दीपक की हत्या कर फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही थी। आरोपियों के माधव नेशनल पार्क के अंदर चिली बहार मुहुआ खेर के जंगल में छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीमों ने सर्चिंग शुरू की। पुलिस ने 27 नवंबर की रात पांचों आरोपियों की घेराबंदी कर ली थी।
आरोपी नवल (45) पुत्र रामचरण पाल, महेश (42) पुत्र जगदीश बैरागी, हरिओम (36) पुत्र पूरन ओझा, मुन्ना (41) पुत्र रामचरण पाल निवासी ग्राम कोटा थाना देहात एवं प्रकाश (43) पुत्र स्वर्गीय लोहरे पाल उर्फ देशराज पाल निवासी ग्राम खैरोना मानिकपुर थाना कोलारस को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
मृतकों के घर के पास रहता था महेश बैरागी
पुलिस पूछताछ से पता चला है कि आरोपी महेश बैरागी का घर मृतकों के घर के पास था। लेकिन लड़ाई झगड़े के कारण वह दूसरी जगह घर बनाकर रहने लगा था। नवल पाल, हरिओम ओझा का विवाद भी मृतक परिवार से चल रहा था। मृतकों के परिवार के लोगों द्वारा आरोपियों के खेतों का रास्ता रोककर रखा था। इसलिए आरोपियों ने भी नहर का पानी रोकने की जिद पकड़ ली। यह विवाद काफी बढ़ गया। 26 नवंबर को पंचायत भी बैठने जा रही थी, लेकिन उससे एक दिन पहले लड़ाई हो गई।
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