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भोपाल दिल्ली के बीच संचालित शताब्दी में घटिया खानाः वीआईपी ट्रेनों में कमीशन के खेल ने बिगाड़ा यात्रियों का जायका

ग्वालियर

दिल्ली-भोपाल के बीच संचालितशताब्दी एक्सप्रेस सहित वीआईपी ट्रेनों में घटिया क्वालिटी का भोजन परोसा जा रहा है। बीते चार माह में चार शिकायतें रेलवे बोर्ड से लेकर रेल मंत्री तक यात्रियों ने ट्विटर पर दर्ज कराई हैं। खास बात यह है कि आईआरसीटीसी के अफसरों की सांठगांठ से घटिया भोजन का पूरा खेल चल रहा है। इसमें सुधार करने की जगह रेलवे अब नाश्ते एवं भोजन के रेट बढ़ाने जा रहा है। बाजार में बेहतर क्वालिटी की चाय आपको 15 रुपए में मिल जाती है, जबकि शताब्दी एक्सप्रेस में घटिया चाय के लिए आपको अब 35 रुपए चुकाने होंगे।

दिल्ली-भोपाल के बीच संचालित होने वाली शताब्दी एक्सप्रेस का बेस किचिन ग्वालियर में कांति नगर में स्थिति है। इसका ठेका आरके एसोसिएट हॉटलाइन प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को दिया गया है। ट्रेन में भोजन यहीं से चढ़ाया जाता है, जबकि दही, नाश्ता एवं चाय दिल्ली से ट्रेन में रखी जाती है। जिस इमारत में भोजन तैयार होता है, उसकी हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने साफ सुथरे तरीके से भोजन बनाया जाता होगा। नियमानुसार भोजन पूरी तरह हाईजिन तरीके से तैयार होना चाहिए, लेकिन यहां कर्मचारी लकड़ी की टेबल पर आंटा गूथते हैं। यहां पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने पहले भी सड़े हुए प्याज से सब्जी बनते हुए पकड़ी थी। इसी वजह से आए दिन खाने को लेकर यात्रियों की शिकायतें रेलवे को झेलना पड़ती हैं।

क्या है नियमः-

-बेस किचिन में आने वाले भोजन की जांच रेलवे द्वारा की जाती है, जिससे सामग्री गुणवत्ता युक्त है या नहीं देखा जा सके।

-भोजन बनकर जब जाता है तो ट्रेन में चढ़ाते समय आईआरसीटीसी के अधिकारी उसकी जांच करते हैं।

-कैटरिंग इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर भोजन की जांच करे।

-सीनियर डीसीएम का काम बेस किचिन एवं ट्रेन में चढ़ने वाले भोजन की मॉनीटरिंग का है।

कब-कब मिली शिकायतें:-

-22 अगस्त 2019ः-शताब्दी में मिलने वाले भोजन में कच्चे परांठे, घटिया दाल मिली थी। इतना ही नहीं दही इतना खट्टा था कि लोगों के लिए खाना मुश्किल हो रहा था।

-25 अगस्त 2019ः-फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने कांति नगर स्थित शताब्दी के बेस किचिन पर छापा मारा था। यहां पर सड़े हुए प्याज में सब्जी छौंकी जा रही थी। टीम ने 25 किलो सड़ा प्याज फिकवाया था।

-17 मई 2019ः-हबीबगंज से नई दिल्ली जा रही शताब्दी में यात्रियों को समाचार पत्र की कतरन पर भोजन परोसा गया। यात्रियों ने शिकायत दर्ज कराई, क्योंकि भोजन पर जहरीली इंक लगी थी और मटर पनीर में मटर ही नहीं थे।

-रामेश्वर गुप्ता निवासी ग्वालियर शताब्दी से भोपाल जा रहे थे। जब भोजन खाने को हुए तो दाल में मक्खी देख वह चकित रह गए। इसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

क्या है मैन्युः-

भोजनः-

चेयर कारः-जीरा राइस, दाल, दो परांठे, मटर पनीर यदि नॉनवेज लेते हैं तो चिकन करी व आईस्क्रीम।

सेकंड/थर्ड एसीः-इसमें पूरा मैन्यु यही रहता है, केवल जीरा राइस की जगह वेजीटेबल राइस हो जाता है।

फर्स्ट एसीः-मिक्स दाल, कढ़ाई पनीर, मटर राइस, अजवाइन परांठे, ड्राइवेज, आईस्क्रीम, दही।

प्रतिदिन कितना भोजन सप्लाई होता हैः-

शताब्दी में एक टाइम में करीब 900 थाली चढ़ाई जाती हैं, यदि दोनों टाइम का भोजन मिला लें तो करीब 1600 थाली की प्रतिदिन सप्लाई है।

जिम्मेदार कौनः-

बेस किचिन संचालकः-खाना बनाते समय शुद्धता एवं साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए। जबकि बेस किचिन में हर जगह गंदगी पसरी हुई है। सब्जियां तक अच्छी क्वालिटी की उपयोग नहीं की जाती हैं।

आईआरसीटीसीः-ट्रेन में खाना चढ़ाते समय इनकी जिम्मेदारी जांच करने की होती है। सांठगांठ का खेल चल रहा है, इसलिए सही तरीके से खाने की जांच ही नहीं की जाती है। इसी वजह से भोजन की क्वालिटी लगातार बिगड़ती जा रही है, साथ ही शिकायतें भी बढ़ रही हैं।

सीनियर डीसीएमः-इनकी जिम्मेदारी समय-समय पर बेस किचिन की जांच करने की है, लेकिन केवल शिकायत मिलने पर ही अफसर जागते हैं। अधिकारियों के आने की सूचना पहले ही बेस किचन संचालक तक पहुंच जाती है, इसलिए किचिन चकाचक कर दी जाती है।

पर्दे के पीछे की कहानीः-

रेलवे में कमीशन के खेल ने यात्रियों के मुंह का जायका बिगाड़ दिया है। सूत्रों की मानें तो वर्तमान में जो राशि रेलवे वसूल रहा है, उसमें ही बेहतर क्वालिटी की चाय यात्रियों को उपलब्ध कराई जा सकती है। लेकिन रेलवे में कमीशनखोरी ने चाय, नाश्ता ही नहीं भोजन तक के रेट बढ़ा दिए हैं। क्योंकि एक मोटा हिस्सा ठेकेदार को अफसरों को खुश करने में देना पड़ता है। यही वजह है कि अफसर घटिया खाने को भी ओके कर देते हैं, ठेकेदार मुनाफा कमाने के लिए खाने एवं नाश्ते की क्वालिटी बिगाड़ते जा रहे हैं। शहर के अच्छे से अच्छे होटल में चाय की कीमत करीब 25-30 रुपए है, जबकि वीआईपी ट्रेनों में चाय की कीमत करीब 35 रुपए कर दी गई है।

यह वीआईपी ट्रेनें ग्वालियर से निकलती हैं:-गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, कर्नाटक संपर्क क्रांति प्रमुख रूप से शामिल हैं।

नए रेट क्या होंगेः-

चायः-35 रुपए

नाश्ताः-140

लंचः-245

—

चेयर कारः-

चायः-20 रुपए

नाश्ताः-105

लंचः-185

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