ग्वालियर-उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के साझा आयोजन तानसेन समारोह का शुभारंभ 25 दिसंबर को होगा। सुर, ताल और लय के इस उत्सव का शुभारंभ पारंपरिक रूप से सुबह 10 बजे तानसेन समाधि स्थल पर ‘हरिकथा’ और ‘मीलाद” के साथ होगा।
संस्कृति विभाग के अंतर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और संस्कृति परिषद के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तानसेन सम्मान से अहमदाबाद की सितारवादक मंजू मेहता को अलंकृत किया गया।

उन्हें यह सम्मान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदान किया। सम्मान स्वरूप उन्हें 2 लाख रुपए, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। समारोह में राष्ट्रीय मानसिंह तोमर सम्मान वाराणसी के संकटमोचन प्रतिष्ठान और नई दिल्ली के नटरंग प्रतिष्ठान को प्रदान किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि विधायक भारत सिंह कुशवाह शामिल हुए।
मंजू मेहता का ऐसा रहा है सफर
संक्षिप्त परिचय मंजू मेहता का जन्म जयपुर के संगीत की पृष्ठभूमि वाले भटट् परिवार में हुआ। उन्होंने संगीत की शुरुआती तालीम अपने बड़े भाई शशिमोहन भट्ट से प्राप्त की। बाद में विश्वविख्यात सितारवादक पं. रविशंकर और दामोदरलाल काबरा से सितारवादन की बारीकियां सीखीं। देश के ख्यात मोहनवीणा वादक व ग्रैमी अवार्ड विजेता पं. विश्वमोहन भटट् उनके छोटे भाई हैं। वे भी तानसेन सम्मान से नवाजे जा चुके हैं।
इसके साथ ही संकट मोचन प्रतिष्ठान, वाराणसी को 2017-18 का और नटरंग प्रतिष्ठान, नई दिल्ली को 2018-19 का राजा मानसिंह तोमर राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शिरकत करेंगे।
नौ सभाए होंगी, देश-विदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुति
इसके बाद समारोह की प्रथम सभा शुरू होगी। इसमें मंजू मेहता द्वारा सितार वादन की प्रस्तुति दी जाएगी। अगले क्रम में ऋत्विक सान्याल ध्रुपद गायन और रीतेश रजनीश मिश्र गायन की प्रस्तुति देंगे। समारोह के दौरान कुल 9 सभाएं होंगी, जिसमें देश-विदेश के जाने-माने कलाकार प्रस्तुति देंगे। समारोह की अंतिम सभा 29 दिसंबर की शाम गूजरी महल में आयोजित की जाएगी।
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