ग्वालियर-थैलेसीमिया से बेटे की मौत के बाद 48 वर्षीय किरण नागरानी ने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान करने का संकल्प लिया। वे पिछले 11 साल से रक्तदान कर लोगों की जिंदगी बचा रही हैं। रात को भी यदि किसी को रक्त की जरूरत पड़ती है तो वे तुरंत इसके लिए तैयार हो जाती हैं।
मुरार में एसएलपी कॉलेज के सामने लाल साहब के बगीचे में रहने वाली किरण के बेटे रौनक का जन्म 1998 में हुआ था। जन्म के तीन साल बाद सन 2001 में रौनक को थैलेसीमिया की बीमारी हो गई। इसके लिए किरण ने रौनक को समय-समय पर रक्त दिया, इसके बाद भी 1 अगस्त 2007 को रौनक की मौत हो गई। इसके बाद से ही किरण ने अन्य लोगों के लिए रक्तदान करने का प्रण ले लिया। तब से वे लगातार रक्तदान करती आ रही हैं और रक्तदान के लिए समय-समय पर शिविर भी आयोजित करती हैं।
हर तीन माह में करती हैं रक्तदान: किरण हर तीन माह में रेडक्रॉस सोसाइटी पहुंचकर रक्तदान करती हैं। इसके अलावा किसी को भी यदि रक्त की जरूरत पड़ती है तो वे उसकी मदद के लिए पहुंच जाती हैं और अपने रक्त के बदले जरूरतमंद को रेडक्रॉस सोसाइटी से रक्त उपलब्ध कराती हैं। कई बार उन्हें रक्त के लिए देर रात भी लोग संपर्क करते हैं। रात में जब किसी को रक्त की जरूरत होती है तो उनके पति सुरेश नागरानी भी उनकी मदद करते हैं।
रक्तदान करतीं किरण नागरानी

अनजान लोगों को भी देती हैं रक्त
कुछ माह पूर्व किरण अपने किसी बीमार रिश्तेदार को देखने के लिए जेएएच के ऑर्थो वार्ड में गई थीं। तब वहां एक गरीब मरीज भी भर्ती था। उसको रक्त की जरूरत थी। तब किरण ने उसको रक्तदान किया था।
शिविर में 26 ने किया रक्तदान
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की मदद के लिए किरण ने पहली बार रविवार को मुरार स्थित सीपी कॉलोनी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। शिविर में 26 लोगों ने रक्तदान किया। यह रक्त थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की मदद के लिए दिया जाएगा। शिविर में गौरव शिवहरे, निर्मल संतवाणी, हरीश थोरानी, धीरज दिसेजा आदि उपस्थित थे।
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