ग्वालियर-
यशोदा रेजीडेंसी विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में रहने वाली शिक्षिका ने रात अपने घर में फांसी लगा ली। महिला का पति व बेटा फांसी से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पति ने बताया कि वह कुछ माह से डिप्रेशन में चल रही थीं। डिप्रेशन का कारण शिक्षिका की अचानक बेहोश होने की बीमारी बताया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यशोदा रेजीडेंसी में रहने वालीं साधना शर्मा(41)प|ी संजीव शर्मा ने रात लगभग 10 बजे अपने कमरे में पहुंचकर फांसी लगा ली। फांसी लगाने से कुछ समय पहले वह पति व बेटे कुट्टू(18) के साथ बैठी थीं। प|ी के कमरे में जाने के बाद जब पति व बेटा भी सोने के लिए कमरे में पहुंचे तब साधना अपने कमरे में फंदे पर लटकी हुई थीं। पति संजीव व बेटे कुट्टू ने तत्काल उन्हें फांसी से उतारा, उस वक्त तक उनकी सांस चल रही थी। वे उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान साधना की मौत हो गई।
दिल्ली में चल रहा था बीमारी का इलाज
पति संजीव शर्मा ने बताया कि साधना रौरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। दो वर्ष से अचानक बेहोश हो जाने की बीमारी से परेशान थीं। बीमारी का इलाज दिल्ली में चल रहा था। बीमारी के कारण वह पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में चल रही थीं। इसके अलावा कोई परेशानी उन्हें नहीं थी। साधना का एक बेटा कुट्टू(18) है। वह आईआईटी की तैयारी कर रहा है।
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