ग्वालियर-डबरा-ग्वालियर-झांसी हाईवे स्थित जौरासी घाटी में बीती रात 11 बजे भूसे से भरी ट्रॉली के पलट जाने से हाईवे पर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक जाम लगा रहा।
बिलौआ पुलिस की लापरवाही
बिलौआ पुलिस की लापरवाहीसामने आई हे लगभग पूरा थाना रोज रात कोनिकलने वाले गिट्टी बजरी के सेकड़ो डम्फरों ,ट्रकों से इंट्री लेने में व्यस्त रहता सड़क पर १३ घंटे जाम में बच्चों महिलाओं और अन्य सवारियों की क्या हालत हुई होगी यह वे ही जानते
कैसे निकलती ओवरलोड भूसे की ट्रॉली थानों के सामने से sp ग्वालियर इन पर रोक लगाए
लगभग 13 घंटे तक जाम के फंसे लोगों की सर्दी में हालत खराब हो गई। किसी ने सड़क पर आग जलाकर रात काटी, तो कोई गाड़ी में बैठे ही ठिठुरते रहे।
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे के बाद सड़क पर पलटी ट्रॉली को एक साइड कराकर जाम को खोलने का प्रयास किया गया और धीरे-धीरे वाहनों का निकलना शुरू हुआ।
गौरतलब है कि गुरुवार को रात को लगभग 11 बजे डबरा से ग्वालियर की ओर जा रही भूसे से भरी ट्रॉली जौरासी घाटी पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पलट गई। बीच सड़क पर पलटी ट्रॉली के कारण दोनों ओर से आ रहे अन्य वाहनों के पहिये थम गए और धीरे-धीरे वाहनों की कतार लंबी होती गई। रात के समय सड़क पर फैले भूसे को हटाने की सुविधा नहीं होने के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। भूसे के कारण रास्ता बंद होने के कारण ट्रकों की लाइन इधर टेकनपुर तथा दूसरी ओर ग्वालियर आईटीएम कॉलेज तक पहुंच गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने व्यवस्था को संभालने की कोशिश की, लेकिन ट्रॉली तक के्रन के नहीं पहुंच पाने के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी। दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 12 बजे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर पलटी भूसे की ट्रॉली को एक तरफ कराया गया। तब कहीं जाकर धीरे-धीरे वाहनों को निकालने की कोशिश की गई।
आंतरी, ऐराया, शीतला मंदिर होकर निकले वाहन
जौरासी घाटी में रातभर से लगे जाम के कारण वाहन चालकों ने आंतरी के रास्ते होकर ऐराया, बड़ेरा भारस और टोडा होकर शीतला माता मंदिर पहुंचे और वहां से शिवपुरी हाईवे पर जाकर निकले और वहां से अपने गंतव्य तक पहुंच सके। इस मार्ग पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण जगह-जगह जाम के हालात बने, लेकिन वाहन चालक आपसी सामंजस्य से अपने वाहनों को निकाल ले गए।
सर्दी से बेहाल हुए लोग
रात को 11 बजे से जाम में फंसे लोगों को सर्दी के मौसम में बुरा हाल हो गया। रात को पड़ने वाली सर्दी से निजात पाने के लिए कुछ लोगों ने सड़क किनारे आग जलाकर सर्दी से बचने की कोशिश की तो कुछ लोग अपनी गाड़ी के अंदर ही बैठे रहे और ठिठुरते। जाम में फंस ट्रक चालक ने तो जैसे-तैसे रात काट ली, लेकिन छोटे वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत कार में बैठे छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलना पड़ी।
आए दिन लगता है जाम
जौरासी घाटी पर शुक्रवार को लगभग 13 घंटे तक लगे जाम की समस्या नई बात नहीं है। प्रशासन की लापरवाही के कारण यह परेशानी वाहन चालकों को आए दिन झेलना पड़ती है। सोमवार को शाम 5 बजे पावर ग्रिड के पास सड़क पर खराब हुए ट्रक के कारण भी 10 घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहे। आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई इंतजाम नहीं कराए गए।
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