
बढ़ता कारवाँ/ सिंगरौली जिले की खुटार पंचायत के सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा इन दिनों भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं। जनता के पैसों का दुरुपयोग, अनियमितताएं और पद के दुरुपयोग के आरोपों से घिरे सचिव ने जिला पंचायत सीईओ की जांच को खुली चुनौती दी है। उनके खिलाफ जांच की प्रक्रिया जारी है, लेकिन आज तक उस जांच की खुलासा नहीं हो पाई सचिव के दावों और रुख से क्षेत्र में हलचल मची हुई है।

सचिव ने जांच को दी चुनौती राजनीति में अपनी पहुंच का दावा किया…
सूत्रों के मुताबिक, सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा ने सार्वजनिक रूप से अपनी राजनीतिक पहुंच का दावा करते हुए कहा है कि वह उच्च पदस्थ नेताओं के संपर्क में हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करना आसान नहीं होगा। सचिव ने दावा किया है कि जिला पंचायत सीईओ तक उनके प्रभाव के सामने झुकने को मजबूर हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच के बावजूद जिला पंचायत सीईओ किसी ठोस कार्रवाई से बच रहे हैं। हालाँकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान ने खुटार पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे रहें हैं..
जितेंद्र विश्वकर्मा पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। इनमें से प्रमुख आरोप हैं:
1. दुकानदारों को ठगने का आरोप: सचिव पर आरोप है कि उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से उधार सामान लिया और सालों बीत जाने के बाद भी उसका भुगतान नहीं किया। दुकानदारों के पैसे लौटाने के बजाय सचिव कथित तौर पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं।
2. विकास कार्यों में गड़बड़ी.. पंचायत के विकास कार्यों के लिए आए फंड के दुरुपयोग के भी आरोप हैं। कहा जा रहा है कि सचिव ने ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर योजनाओं में अनियमितता की है।
3. अनियमित नियुक्तियां… सचिव पर पंचायत के कार्यों में अपने और कई कार्यों में भ्रष्टाचार किए हैं
जांच में बाधाएं और जनता का आक्रोश बढ़ता…
जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक जांच प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। जनता और दुकानदारों का आरोप है कि सचिव के प्रभाव और दबाव के कारण अधिकारियों में कार्रवाई को लेकर हिचकिचाहट है। वहीं, खुटार पंचायत के निवासियों का कहना है कि यह मामला पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है।
इस पूरे प्रकरण ने खुटार पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब सचिव के खिलाफ खुलकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पंचायत में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं और अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह क्षेत्र के विकास को बाधित करेगा।
आगे क्या होगा यह एक सवाल खड़े हो रहे हैं…..?
जितेंद्र विश्वकर्मा पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पर अब दबाव बढ़ रहा है। जिला पंचायत सीईओ को जल्द ही निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के साथ कार्रवाई करनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।
सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पर लगे आरोप प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक चुनौती हैं। यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का प्रतीक है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों की जांच में कितनी तत्परता और ईमानदारी दिखाता है। जनता को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही न्याय होगा और खुटार पंचायत में विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
इन सभी मामलों को लेकर जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह से फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके द्वारा फोन का जवाब नहीं दिया गया…
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