बढ़ता कारवाँ/ब्यूरो कार्यालय:-सिंगरौली जिले के खटखरी पंचायत में सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

प्रदेश टूडे संवाददाता सिंगरौली जिले के खटखरी ग्राम पंचायत में कार्यरत सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए न केवल कई वित्तीय कदाचार किए बल्कि विभिन्न दुकानों से सामान लेकर उनके बिलों का भुगतान भी नहीं किया और आवेदक व्यापारी के द्वारा बताया गया कि अपने पैसे को मागने पर सचिव के द्वारा धमकी दिया जा रहा है
सामान खरीदने के बावजूद बिलों का भुगतान नहीं बल्कि सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के द्वारा धमकी दिया गया…
जानकारी के अनुसार, अमित कुमार जैसवाल ने आरोप लगाया है कि जितेंद्र विश्वकर्मा ने वर्ष 2016-17 के दौरान ग्राम पंचायत खटखरी, ग्राम पंचायत सितुलखुर्द, और ग्राम पंचायत जरौधी में अपनी पदस्थगी के दौरान विभिन्न दुकानों से सामान खरीदा, लेकिन इन सामानों के बिलों का आज तक भुगतान नहीं किया गया जब कि ग्राम पंचायत खटखरी में उनकी पदस्थगी के दौरान कुल राशि ₹2,02,948 का सामान लिया गया था और ग्राम पंचायत सितुलखुर्द में कार्य करते समय ₹17,000 का सामान खरीदा गया यही नही ग्राम पंचायत जरौधी में भी ₹3,000 का सामान लिया गया था आवेदक ने बताया की आज तक पैसे की भुक्तान नही किया गया बल्कि मागने पर सचिव के द्वारा धमकी दिया जाता है
और इन सभी सामानों का भुगतान जितेंद्र विश्वकर्मा द्वारा अभी तक नहीं किया गया है, जिससे कई दुकानदार परेशान हैं और उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज करवाई गई हैं।
सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के उपर भ्रष्टाचार के अन्य आरोप..
यह मामला केवल सामानों के बकाया बिलों तक ही सीमित नहीं है। जितेंद्र विश्वकर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई अन्य भ्रष्टाचार के कार्य किए हैं। यह भी आरोप है कि पंचायत निधि का दुरुपयोग किया गया है और वित्तीय नियमों का पालन न करते हुए विभिन्न प्रोजेक्ट्स में अनियमितताएं की गई हैं।
खटखरी पंचायत के निवासियों में इस मामले को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी पद पर रहते हुए जितेंद्र विश्वकर्मा ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है और ग्राम पंचायत के संसाधनों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने खटखरी में विकास कार्यों को नजरअंदाज कर केवल अपने हितों को प्राथमिकता दी।
सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के द्वारा आर्थिक अनियमितताओं की जांच की मांग…
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सिंगरौली जिले के प्रशासन से मांग की जा रही है कि जितेंद्र विश्वकर्मा के खिलाफ उचित जांच की जाए। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की गहन जांच की मांग की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं और भी वित्तीय कदाचार तो नहीं हुआ है। स्थानीय अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी सवाल…
इस मामले ने अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े किए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कैसे हुईं और पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर क्यों ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते इन मामलों की जांच की गई होती, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम और नियामक ढांचे की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
सिंगरौली जिले के खटखरी पंचायत में जितेंद्र विश्वकर्मा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर और चिंताजनक हैं। यह मामला न केवल वित्तीय अनुशासन की कमी को दर्शाता है बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि सरकारी पदों पर बैठे व्यक्तियों की जवाबदेही किस हद तक सुनिश्चित की जा रही है। इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जितेंद्र विश्वकर्मा पर लगे आरोप कितने सटीक हैं और क्या उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय कदाचार का दोषी ठहराया जा सकता है।
समय रहते उचित कार्रवाई और पारदर्शी जांच से ही सिंगरौली जिले में सरकारी पदाधिकारियों की विश्वसनीयता को बनाए रखा जा सकता है।
जितेंद्र विश्वकर्मा की प्रतिक्रिया का इंतजार…
इन सभी मामलों को लेकर सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके द्वारा इस बीच, जितेंद्र विश्वकर्मा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है, ताकि आरोपों पर उनकी स्थिति स्पष्ट हो सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इन आरोपों का सामना कैसे करते हैं और क्या वे अपनी बेगुनाही साबित कर पाते हैं।
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