ब्रेकिंग न्यूज़ :- दिनांक 12/09/2020
HS-NEWS (मध्य प्रदेश) सिंगरौली (राजकुमार सिंह/आरपी सोनी):- प्राप्त जानकारी अनुसार जिस जिले में विद्युत उत्पाद कंपनियों द्वारा पर्याप्त बिजली उत्पाद कर देश के कई अन्य राज्यों को पर्याप्त बिजली सप्लाई किया जा रहा है उस जिला के मूल निवासी आदिवासी अपनी भारी मात्रा में घूमि खोने के बाद भी जिला मुख्यालय को छोड़ समूचे जिले के ग्रामीणों को आए दिन अँधेरे में मच्छर भगाते-मरते हुए पूरी रात गुजारनी पड़ती है लोग कहते है दीपक तले अंधेरा कहावत चरितार्थ है

जी हां आप सही पढ़ रहे हैं हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्र सिंगरौली जिला का जहां के मूल निवासी आदिवासी देश-प्रदेश सरकार के आदेश को शिरोधार्य कर देश के विकास के साथ अपने क्षेत्र को उजाला में देखने सपना देख अपनी भारी मात्रा में भूमि कोयला एवं बिजली उत्पाद हेतु शासन से निर्धारित चंद गांधी छाप रुपए लेकर भूमि विहीन हो गए उस जिले के मूल निवासी आदिवासी मूलभूत सुविधा बिजली-पानी-सड़क मुहैया कराने हेतु प्रतिनिधि सांसद विधायक चुन कर भोपाल दिल्ली भेजने के बाद भी 48-48 घंटा लगातार बिजली अभाव में रहने को मजबूर हैं यह बात जिले की जनता कह रही है।
इनका कहना:- इस संदर्भ में जब जिम्मेदार से रात 8:30 बजे बात किया गया तो उन्होंने कहा नहीं लाइट दोपहर 2:00 बजे से बंद है लाइट फास्ट है पेट्रोलिंग चल रही है इस समस्या के लिए विभाग ठोस कदम उठा लिया है चितरंगी को जोड़ा जा रहा है आपको बत्ती मिलता रहेगा आपको बत्ती की समस्या नहीं होगी उसमें काम चालू है हां हां एकाध-दो महीने में काम हो जाएगा अंकुर त्रिपाठी एई देवसर।।
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