ग्वालियर–जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शाम को कोरोना पॉजिटिव वृद्धा को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है। मरीज की हालत काफी गंभीर है और वेंटिलेटर पर है। जब जेएएच के चिकित्सकों ने वृद्धा के डॉक्टर बेटे से प्लाज्मा थैरेपी को लेकर बात की तो वह तैयार हो गए। उनका कहना था कि हम जोखिम लेने को तैयार हैं, आप इलाज करो। इसके बाद वृद्धा को प्लाज्मा चढ़ाया गया। हालांकि मरीज की हालत अभी भी गंभीर है।
दरअसल जेएएच में प्लाज्मा थैरेपी के लिए किट तो करीब 15 दिन पहले ही आ चुकी थीं। मगर मरीज या स्वजनों की सहमति नहीं होने के कारण डॉक्टर किसी मरीज को प्लाज्मा थैरेपी नहीं दे सके थे। 31 अगस्त को मुरैना निवासी 65 वर्षीय वृद्धा को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था। मरीज को शुगर, बीपी, निमोनिया के साथ गंभीर इंफेक्शन भी था। मरीज को शुरू से ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। जब जेएएच के डॉक्टरों ने मरीज के बेटे से चर्चा की तो उसने प्लाज्मा थैरेपी के लिए सहमति दी। इसके बाद मंगलवार शाम 6 बजे वृद्धा को प्लाज्मा चढ़ाया गया। रात 8 बजे तक वृद्धा को प्लाज्मा दिया जा चुका था। हालांकि मरीज की हालत में फिलहाल कोई सुधार नहीं हुआ है। मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. ओपी जाटव की मॉनिटरिंग में डॉ. अजय पाल, डॉ. प्रदीप प्रजापति ने वृद्धा का प्लाज्मा थैरेपी से उपचार किया। वहीं 5 मरीजों को कोरोना महामारी में उपयोगी इंजेक्शन भी दिया गया है। हालांकि यह इंजेक्शन स्वजनों ने ही खरीदकर जेएएच प्रबंधन को उपलब्ध कराया था, क्योंकि जेएएच में केवल आयुष्मान कार्डधारकों को ही यह इंजेक्शन निशुल्क दिया जा सकता है।
प्लाज्मा थैरेपी का फायदाः स्वस्थ्य हो चुके कोरोना पॉजिटिव मरीज के रक्त से प्लाज्मा लिया जाता है। इसे कोरोना पॉजिटिव मरीज को दिया जाता है। इससे शरीर में एंटीबॉडी विकसित होती है और मरीज में रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। एक बार में मरीज को 200 एमएल प्लाज्मा दिया जाता है।
अब अधीक्षक लेंगे समीक्षा बैठक
जेएएच में अब तक कोरोना की समीक्षा बैठक में सिर्फ मेडिसिन विभाग के एचओडी एवं डॉक्टर ही मौजूद होते थे। अब सप्ताह में एक दिन होने वाली इस बैठक में जेएएच अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ भी मौजूद रहेंगे। साथ ही अब सप्ताह में दो दिन बैठक किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। जिससे कोरोना मरीजों के उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय लिए जा सकें।
जेएएच में कोरोना पॉजिटिव मरीज को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है। हमारे डॉक्टर मरीज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
डॉ. आरकेएस धाकड़, अधीक्षक जेएएच
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मुंहबोला मामा से उधार रुपये वापस लेने गई थी युवती बंधक बनाकर किया दुष्कर्म
ग्वालियर।
एक इंजीनियर ने मुंह बोली भांजी को उधार के रुपये देने घर बुलाया और बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। जबकि दो दोस्तों ने धमकाया। घटना मंगलवार रात पंचशील नगर की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोला का मंदिर पंचशील नगर निवासी जीतू जायसवाल इंजीनियरिंग का छात्र है। साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है। सीपी कॉलोनी मुरार निवासी 27 वर्षीय युवती को वह मुंह बोली भांजी कहता था। युवती का आरोप है कि कुछ समय पहले उसने कुछ रुपये उसे उधार दिए थे। मंगलवार को जीतू ने वह रुपये देने के लिए घर बुलाया। जब युवती घर पहुंची तो वह अपने दो दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। उसने जाना चाहा तो जबरदस्ती वहीं बैठा लिया। इसके बाद रात भर उसके साथ गलत काम किया। उसके दोस्त धमकाते रहे। बुधवार सुबह किसी तरह वह बाहर निकली और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
00000000000000डॉक्टर बेटा बोला- हम जोखिम लेने को तैयार, आप करो इलाज, दो घंटे में चढ़ा प्लाज्मा
ग्वालियर – जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मंगलवार शाम को कोरोना पॉजिटिव वृद्धा को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है। मरीज की हालत काफी गंभीर है और वेंटिलेटर पर है। जब जेएएच के चिकित्सकों ने वृद्धा के डॉक्टर बेटे से प्लाज्मा थैरेपी को लेकर बात की तो वह तैयार हो गए। उनका कहना था कि हम जोखिम लेने को तैयार हैं, आप इलाज करो। इसके बाद वृद्धा को प्लाज्मा चढ़ाया गया। हालांकि मरीज की हालत अभी भी गंभीर है।
दरअसल जेएएच में प्लाज्मा थैरेपी के लिए किट तो करीब 15 दिन पहले ही आ चुकी थीं। मगर मरीज या स्वजनों की सहमति नहीं होने के कारण डॉक्टर किसी मरीज को प्लाज्मा थैरेपी नहीं दे सके थे। 31 अगस्त को मुरैना निवासी 65 वर्षीय वृद्धा को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था। मरीज को शुगर, बीपी, निमोनिया के साथ गंभीर इंफेक्शन भी था। मरीज को शुरू से ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। जब जेएएच के डॉक्टरों ने मरीज के बेटे से चर्चा की तो उसने प्लाज्मा थैरेपी के लिए सहमति दी। इसके बाद मंगलवार शाम 6 बजे वृद्धा को प्लाज्मा चढ़ाया गया। रात 8 बजे तक वृद्धा को प्लाज्मा दिया जा चुका था। हालांकि मरीज की हालत में फिलहाल कोई सुधार नहीं हुआ है। मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. ओपी जाटव की मॉनिटरिंग में डॉ. अजय पाल, डॉ. प्रदीप प्रजापति ने वृद्धा का प्लाज्मा थैरेपी से उपचार किया। वहीं 5 मरीजों को कोरोना महामारी में उपयोगी इंजेक्शन भी दिया गया है। हालांकि यह इंजेक्शन स्वजनों ने ही खरीदकर जेएएच प्रबंधन को उपलब्ध कराया था, क्योंकि जेएएच में केवल आयुष्मान कार्डधारकों को ही यह इंजेक्शन निशुल्क दिया जा सकता है।
प्लाज्मा थैरेपी का फायदाः स्वस्थ्य हो चुके कोरोना पॉजिटिव मरीज के रक्त से प्लाज्मा लिया जाता है। इसे कोरोना पॉजिटिव मरीज को दिया जाता है। इससे शरीर में एंटीबॉडी विकसित होती है और मरीज में रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। एक बार में मरीज को 200 एमएल प्लाज्मा दिया जाता है।
अब अधीक्षक लेंगे समीक्षा बैठक
जेएएच में अब तक कोरोना की समीक्षा बैठक में सिर्फ मेडिसिन विभाग के एचओडी एवं डॉक्टर ही मौजूद होते थे। अब सप्ताह में एक दिन होने वाली इस बैठक में जेएएच अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ भी मौजूद रहेंगे। साथ ही अब सप्ताह में दो दिन बैठक किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। जिससे कोरोना मरीजों के उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय लिए जा सकें।
जेएएच में कोरोना पॉजिटिव मरीज को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है। हमारे डॉक्टर मरीज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
डॉ. आरकेएस धाकड़, अधीक्षक जेएएच
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