ग्वालियर-
बुजुर्ग एवं गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों कोलॉकडाउन ने कोरोना का शिकार होने से बचा लिया था। मगर अनलॉक वन की शुरुआत के साथ ही बुजुर्ग भी कोरोना की चपेट में आना शुरू हो गए। पहले अस्पताल में पहुंचने वाले गंभीर रोग से ग्रस्त रोगियों में इक्का-दुक्का ही पॉजिटिव निकलता था। जबकि अब यदि 6 मरीज भर्ती हो रहे हैं तो उनमें से 3 संक्रमित निकल रहे हैं। हाइ रिस्क मरीजों का कोरोना का शिकार होना प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन चुका है। क्योंकि इससे मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है। वर्तमान में भी करीब 7 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जबकि इतने ही मरीज आईसीयू में हैं। जिसमें से अधिकांश की उम्र 50 से अधिक है।
लॉकडाउन में बुजुर्गों ने सुबह की सैर तक बंद कर दी थी। मगर अनलॉक वन की शुरुआत के साथ लोगों का जीवन पटरी पर लौटना शुरू हो गया। लोग मॉर्निंग वॉक के साथ ही बाजारों में भी बेधड़क घूमने लगे थे। परिणाम यह हुआ कि जिले में तेजी से कोरोना का ग्राफ बढ़ने लगा। प्रशासन की चिंता का मुख्य कारण बुजुर्ग एवं गंभीर रोग से ग्रस्त मरीजों का कोरोना संक्रमित होना बना हुआ है। क्योंकि ऐसे में रिकवरी होने की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है। अब तक जिले में 13 मौत हुई है। जिसमें से 11 लोग किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त तो थे ही साथ ही 45 साल से अधिक के हैं।
रिकवरी की गुंजाइश क्यों है कमः-40 की उम्र पार करते ही लोगों को शुगर या बीपी जैसी बीमारियां घेर लेती हैं। उम्र के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती जाती है। ऐसे लोग कोरोना का सॉफ्ट टारगेट होते हैं। पहले से बीमार व्यक्ति के लिए कोरोना का संक्रमण घातक साबित होने का खतरा रहता है। अब तक जितनी भी मौते हुई हैं, उनमें अधिकांश को गंभीर बीमारी रही है।
—-जिले में हुई मौतः-
-76 वर्षीय गंगाराम रोहिरा निवासी ठाकुरबाबा रोड डबरा
-100 वर्षीय देवाबाई निवासी ठाकुरबाबा रोड डबरा
-49 वर्षीय राजकुमार निवासी गोल पहाडिया
-45 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हेमलता निवासी घासमंडी
-55 वर्षीय बदरुद्दीन
-65 वर्षीय मोहम्मद याकूब
-55 वर्षीय अरविंद दुबे निवासी हजीरा
-60 वर्षीय बसंती निवासी सिंधिया नगर
-35 वर्षीय सुनील कुमार निवासी शिंदे की छावनी(नोटः मृतक किडनी के रोग से ग्रस्त था)
-59 वर्षीय गिरीश निवासी दाल बाजार
-60 वर्षीय विजय मसीह निवासी दर्पण
-75 वर्षीय रामभरोसे निवासी टेकनपुर
-82 वर्षीय महेश चंद्र गुप्ता निवासी दाल—–
222 हाई रिस्क मरीजः-
किल कोरोना अभियान में टीमों ने चार ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्र में सर्वे किया है। जिसमें 222 हाई रिस्क मरीज टीमों को मिले हैं। जबकि सर्दी जुकाम के 4993 एवं बुखार के 8823 मरीज मिले हैं। वहीं फीवर क्लीनिक पर 33 हाई रिस्क मरीज पहुंचे हैं और 5194 लोग सर्दी, जुकाम की शिकायत के चलते इलाज के लिए पहुंचे हैं।
बुजुर्गों में बढ़ा संक्रमणः-
उम्र पॉजिटिव मरीज संख्या
51-60 साल 153
61-70 साल 80
71-80 साल 17
81-90 साल 7
90 से अधिक 2
(नोटः-मार्च-अप्रैल माह में कुल 9 पॉजिटिव केस मिले थे। जिनमें से एक मरीजों की उम्र 60 से अधिक थी)
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