ग्वालियर. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जेएएच में भर्ती 106 साल की कोरोना संक्रमित मरीज देवा बाई की शनिवार को मौत हो गई। उनका 16 मई से यहां इलाज चल रहा था। इसके साथ ही जिले में काेरोना संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या दो हो गई है। इससे पहले डबरा के ही वृद्ध गंगाराम रोहिरा की 10 मई को मौत हो गई थी। उनका देर रात लक्ष्मीगंज स्थिति विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो दिन बाद आई रिपोर्ट में वे पॉजिटिव पाए गए थे।
कोरोना से कुल दो मरीजों की मौत- दोनों मृतक डबरा से, 106 वर्षीय देवा बाई नाम की वृद्ध महिला कोरोना की जंग में हार गई
पहले ठाकुर बाबा रोड डबरा निवासी गंगाराम रोहिरा की10 मई को कोरेना से पहली मोत दर्ज हुई दूसरी डबरा की देवा बाई हे जो झाँसी वालों केनाम से प्रसिद्ध गुप्ता परिवार की हे
उधर, शनिवार को आई 270 सैंपलों की जांच रिपोर्ट में 6 नए संक्रमित पाए गए हैं। ये सभी मरीज दूसरे शहरों से आए हैं। इसके साथ ही जिले में मरीजों की संख्या 105 हो गई है। जबकि 41 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। वहीं भिंड और मुरैना में 4-4 नए कोरोना मरीज मिले हैं।
परिजन का आरोप- उचित इलाज न मिलने से हुई मेरी दादी की मौत
नौ दिन इलाज के बाद कोरोना की जंग हारीं देवा बाई के नाती पंकज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ठीक से देखभाल नहीं की जिसके कारण दादी की मौत हो गई। उधर, मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी जाटव और देवा बाई का इलाज करने वाले मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग का कहना है कि देवा बाई की उम्र अधिक होने के कारण वे मुंह से कुछ खा पी नहीं रही थीं। उन्हें आवश्यक दवाओं के साथ आईबी फ्लूड दिया जा रहा था। शनिवार को दोपहर बाद देवा बाई का ब्लडप्रेशर कम होने लगा जिसे नियंत्रित करने के लिए दवा देने के साथ ऑक्सीजन भी लगाई गई। शाम करीब 5:30 बजे उनकी मौत हो गई।
पुणे, मुंबई, अहमदाबाद और गाजियाबाद से लौटे लोग निकले पॉजिटिव
गोंदरा निवासी खेमराज पुणे में मजदूरी करता है। लॉकडाउन के कारण जब कोई काम नहीं बचा तो पत्नी और दो बच्चों सहित परिवार के 20 सदस्यों के साथ 40 हजार रुपए में ट्रक किराए पर किया और 20 मई को अपने गांव आकर क्वारेन्टाइन हो गए। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम बीते रोज सैंपल लिया जिसके बाद सभी को घर भेज दिया। खेमराज की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।
चक गोंदरा निवासी दिनेश अपनी पत्नी ऊषा और दो बच्चों के साथ गाजियाबाद से लौटा है। 30 वर्षीय महिला ऊषा गाजियाबाद से अपने पति व दो बच्चों के साथ लौटी हैं। दिनेश ने बताया कि वे गाजियाबाद से इटावा तक बस से और वहां से ऑटो करके घर आए। गांव में उन्हें घर पर ही क्वारेंटाइन करने के लिए कहा गया था। ऊषा की रिपोर्ट पॉजिटिव तथा दिनेश और बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
रामदीन भी बाहर से आए हैं। जांच में इन्हें भी कोरोना पॉजिटिव निकला है।
बेहट निवासी प्रमोद और उनकी पत्नी ज्योति अहमदाबाद से लौटे थे। 21 मई को प्रमोद और ज्योति पॉजिटिव पाए गए थे। इन्हें दोनों को अस्पताल की जगह गांव के ही सामुदायिक भवन में क्वारेंटाइन कर दिया गया। शनिवार को उनका बेटा अजय भी पॉजिटिव निकला।
शकीला बेगम (40) और आशमा (32), घोसीपुरा
वार्ड नंबर 2 स्थित घोसीपुरा निवासी नजमा बेगम 14-15 मई की रात करीब 2 बजे मुंबई से वाहिदा (28),आशमा (33), राविदा (15), अयान (22), अलवीरा (1), अमीरा (1) एवं अरशद (6) के साथ ग्वालियर आई थीं। यहां आने के बाद उन्होंने जेएएच में सैंपल कराया। नजमा के अलावा सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 22 मई को उनके घर के कुल 17 लोगों के सैंपल लिए गए। नजमा की बहू शकीला व बेटी आशमा की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। आशमा मुंबई से आई थी, लेकिन शकीला ग्वालियर में ही इनके संपर्क में आई। ध्यान देने योग्य बात यह है कि आशमा की रिपोर्ट 16 मई को निगेटिव आई थी।
भिंड: अहमदाबाद और मुंबई से आए लोग निकले संक्रमित
भिंड जिले में 16 वें दिन चार और कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, इनमें तीन अहमदाबाद और एक मुंबई शहर से भिंड आया था। इन सभी को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया है। इनमें तीन मरीज शहर के निवासी है और एक रिनिया दबोह का रहने वाला है। रिनिया दबोह का मरीज मुंबई से लौटा है, जबकि शेष तीन मरीज अहमदाबाद से। इस तरह भिंड में अब तक कुल 48 कोरोना पॉजिटिव मरीज हो गए हैं। वहीं मुरैना जिले में भी चार पॉजिटिव मिले हैं। इनमें दो मरीज डीआरडीओ की रिपेार्ट में पॉजीटिव पाए गए हैं। शहर के इन मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
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