HS-NEWS सिंगरौली (राजकुमार सिंह- आरपी सोनी) :- बुद्धिजीवियों कि माने तो कोविड -19 पूंजीवादी मानव द्वारा निर्मित महामारी के चलते देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक 22 मार्च 2020 को देश हित में लाक डाउन घोषित कर दिया गया कारण देश भर के प्रतिदिन कमाने खाने वाले लाखों मजदूर हजारों किलोमीटर दूर भूखे पैदल चलने को मजबूर हुए और वही करोड़ों ऐसे मजदूर भी है जो अभी भी बाहर फंसे हुए है जिन्हें किसी भी तरह की धार्मिक सामाजिक एवं सरकारी भोजन नसीब नहीं हो पा रहा है कारण अपने-अपने माता-पिता बीवी-बच्चों के इलाज व आवश्यक जरूरतो के लिए बचाए हुए पैसे खर्च कर लॉक डाउन में राशन खरीद खा लिए अब पैसा खत्म हो चुका है भूखे मरने को मजबूर हो अपने गृह ग्राम आने का जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे है।

जिले की चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के कई सैकड़ा से ज्यादा मजदूर गुजरात महाराष्ट्र मे अपने साथ फंसे साथीयों का पता मोबाइल नंबर सहित संख्या सूची भेजते हुए गांव पहुंचने में सहयोग की गुहार लगा रहे हैं फंसे मजदूरों को फोन कर हालात की जानकारी ली गई जिनके द्वारा अपने आप को हर तरह के भोजन सहायता से वंचित बताए उन्होंने कहा यहां हमारे मुसीबत मे फसाने का मुख्य जिम्मेदार सरकार है भोजन की भी मदद नहीं किया जा रहा है। ऐसे में खबर के माध्यम से मजदूरों के परिजन प्रदेश सरकार के साथ जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र जानकारी जुटा जिले के सभी मजदूरों को सुरक्षित गृह ग्राम वापस लाने की माग की जाती है।
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