भोपाल। ई- टेंडर घोटाले के मामले में वेलजी रत्न एंड कंपनी (VELJI RATNA & CO) के एमडी हरेश सोरठिया (MD HARESH SORATHIA) के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। विशेष न्यायाधीश संजीव पांडे की अदालत ने यह आदेश दिया। सोरठिया के खिलाफ शनिवार को ईओडब्ल्यू ने चालान पेश किया था।
सोरठिया ने 330 करोड़ का टेंडर हासिल करने के लिए बिचौलिए मनीष खरे को 3 करोड़ 33 लाख का कमीशन दिया था। चार्जशीट में जांच एजेंसी ने बताया है कि साेरठिया ने खरे के अकाउंट में अलग-अलग दिनाें में यह राशि भेजी है। अदालत ने 301, लेकव्यू कॉम्प्लेक्स शाहपुरा और दूसरे पते 12 प्रभु पार्क , गौत्री रोड, बड़ोदरा गुजरात के पते पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
इस मामले में गिरफ्तार ऑस्मो सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर विनय चौधरी, वरुण चतुर्वेदी, श्रीकॉन मल्टी इंफ्रा लिमिटेड के डायरेक्टर सुमीत गोलवलकर, एमपीएसईडीसी के ओएसडी नंदकिशोर ब्रम्हे, एंट्रेस सिस्टम्स के असिस्टेंट प्रेसीडेंट मनोहर एमएन, माईल स्टोन बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के डायरेक्टर मनीष खरे जेल में है। आराेपियों की जमानत अर्जी हाईकोर्ट से नामंजूर हो चुकी है।
अदालत में एसआई सौरभ भेरूआ ने बताया कि सोरठिया नियत पते से फरार है। अदालत ने लिखा कि चालान पेश होने के बाद से सोरठिया के गिरफ्तारी वारंट तामील नहीं हो रहे हैं।
कोर्ट ने स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए लिखा है कि अभियोजन आरोपी की चल एवं अचल संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई के संबंध में आवेदन पेश कर सकता है। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
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