ग्वालियर
जिला प्रशासन को पशुपालन मंत्री लाखनसिंह ने
नौलंदा तालाब की 500 बीघा भूमि पर गो अभयारण्य बनाने की तैयारी करने के निर्देश मंत्री ने दिए हैं। इस भूमि पर गो अभयारण्य बन जाने के बाद यहां पर लालटिपारा व मार्क हॉस्पिटल सहित आसपास के क्षेत्रों की निशक्त गायों को रखा जा सकेगा। यह बात नौलंदा तालाब की भूमि का निरीक्षण करते हुए पशुपालन मंत्री लाखनसिंह ने कही। निरीक्षण के दौरान मंत्री लाखनसिंह के साथ कलेक्टर अनुराग चौधरी, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, निगमायुक्त संदीप माकिन, जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा मौजूद थे।
ग्वालियर जिले में लंबे समय से गो अभयारण्य खोले जाने की मांग की जा रही है। इसके लिए बरई के पास नौलंदा तालाब की भूमि को चिन्हित किया गया है। इस भूमि का कलेक्टर, एसपी और निगमायुक्त पूर्व में निरीक्षण कर चुके हैं। गत दिवस पशुपालन मंत्री लाखनसिंह ने नौलंदा तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री लाखन सिंह को बताया गया कि नौलंदा तालाब की भूमि पर पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। साथ ही चारों ओर हरियाली होने के कारण यहां पर गौवंश को भोजन भी आसानी से मिल सकेगा। साथ ही यह जगह प्राकृतिक रूप से गायों के लिए उपयुक्त भी है।
कलेक्टर को दिए निर्देश
पशुपालन मंत्री लाखनसिंह ने कलेक्टर अनुराग चौधरी को निर्देश दिए कि नौलंदा तालाब की भूमि में स्थानीय लोगों के जो प्रकरण न्यायालय में चल रहे हैं उसका निराकरण किया जाए। जिससे इस भूमि पर गो अभयारण्य बनाया जा सके।
आसपास पानी की उपलब्धता को देखा
पशुपालन मंत्री लाखनसिंह ने गो अभयारण्य के आसपास पानी की उपलब्धता को भी देखा। साथ ही तालाब के आसपास कुओं में पानी का स्तर आदि को देखने के बाद उन्होंने कहाकि यहां पर पर्याप्त मात्रा में पानी है।
तालाब की भूमि के साथ पहाड़ी और खुली जगह भी है
नौलंदा तालाब के आसपास काफी पहाड़ियां भी हैं, साथ ही यहां पर काफी खुली भूमि है। जिससे यहां पर प्रचुर मात्रा में घास व अन्य पौधे आदि भी हैं।
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