ग्वालियर-
डबरा-अंचल में गेहूं की बोवनी और खेतों में खड़ी फसलों के लिए खाद की जरूरत है, लेकिन डबरा ब्लॉक में सरकारी गोदामों पर खाद ही नही है, जिसकी वजह से खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि सरकारी सोसायटियों और बाजार में निजी दुकानों पर भी खाद नहीं है। ऐसे में किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है, जबकि समय निकलता जा रहा है। यदि जल्द ही खाद नहीं मिला तो उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। वहीं भितरवार में खाद तो बांटा जा रहा है, लेकिन व्यवस्थाएं नहीं होने से सुबह ही किसानों की लंबी लाइन लगना शुरू हो जाती है। किसानों द्वारा लंबे समय से खाद वितरण में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उत्पादन पर पड़ेगा असर
डबरा में सरकारी गोदाम और सोसायटियों पर नहीं है खाद, भितरवार में किसान परेशान, गेहूं व अन्य फसलों में जरूरत, उत्पादन पर पड़ेगा असर
हालात यह हैं कि बाजार में निजी दुकानों पर भी नहीं मिल रहा किसानों को खाद
90% हो चुकी है बोवनी पानी के बाद खाद जरूरी
डबरा ब्लॉक में करीब 40 हजार से अधिक बीघा खेतों में गेहूं की बोवनी की जानी है। जिसमें से 90 फीसदी बोवनी की जा चुकी है, अब केवल दस फीसदी बोवनी होना ही शेष रह गई है। जिसके लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इसके पहले बोवनी हो चुकी गेहूं की फसल में पानी लगने के बाद खाद छिड़कने की जरूरत है।
किसान की बढ़ी चिंता उत्पादन कम होगा
डबरा ब्लॉक में सरकारी गोदाम, सहकारी सोसायटियों व निजी दुकानदारों तक पर खाद नहीं है। किसान खाद के लिए रोज भटक रहे हंै। उन्हें हर जगह निराशा मिल रही है। किसानों का कहना है कि फसल में पानी लग चुका है, यदि खाद नहीं मिला तो फसल की बढ़वार प्रभावित होगी और उत्पादन आधा ही रह जाएगा।
भूखा, प्यासा सुबह से खाद के लिए लाइन में लग जाता है अन्नदाता
भितरवार में किसानों ने लगाए गोदाम कर्मचारियों पर अपने चहेतों को पहले खाद बांटने के आरोप
भितरवार में किसान गोदाम पर खाद लेने के लिए सुबह से ही लाइन में लगे रहते हैं। लेकिन इसके बाद भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। गोदाम से किसानों को खेत की किताब और आधार कार्ड देखकर खाद का वितरण किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उन्हें जितनी खाद की जरूरत है उससे आधा ही दिया जा रहा है। ऐसे में उन्हें बाजार से भी खाद खरीदना पड़ रहा है। जबकि किसान लंबे समय से अधिकारियों से गोदाम के कर्मचारियों द्वारा अपने चहेतों और परिचितों को बिना नियमानुसार खाद बांटने की शिकायत कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे आम किसान परेशान हो रहे हैं।
गोदाम में 150 टन मोटा खाद, नहीं ले रहे किसान
डबरा ब्लॉक में वर्तमान में पांच हजार टन खाद की जरूरत है। खेतों में गेहूं की फसल में पानी भी लग चुका है। पानी लगने के बाद तीन से चार दिन में खाद लगाया जाना जरूरी होता है, जिससे उसकी बढ़वार होती है। यदि खाद का छिड़काव नहीं हुआ तो उत्पादन पचास फीसदी तक प्रभावित हो सकता है। हालांकि डबल लॉक गोदाम पर करीब डेढ़ सौ टन मोटा खाद है, जिसे किसान ले नहीं रहे हैं। उनका कहना है यह गलता नहीं है।
दस दिन से भटक रहा हूं
 सरकारी गोदाम और सोसायटी पर रोज चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन विगत दस दिनों से खाद नहीं होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। गेहूं की फसल में पानी लग चुका है और खाद की सख्त जरूरत है।  गिरवर सिंह, पिछोर
जरूरत से आधी दे रहे खाद
 सुबह सात बजे से गोदाम पर खाद लेने के लिए लाइन में लगे हैं, लेकिन जो खाद दी गई है वह जरूरत के मुताबिक आधी है। अब बाजार से खाद खरीदना पड़ेगी।  सतीश रावत, किसान ग्राम बागवई
रैक नहीं आने से है परेशानी
 रैक नहीं आने की वजह से गोदाम और सहकारी सोसायटियों पर खाद की किल्लत है। इस महीने में पांच हजार टन खाद की जरूरत है। इसकी जानकारी वरिष्ठों को दे दी है।  पीएस राजपूत, कृषि विस्तार अधिकारी, डबरा
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal