ग्वालियर-
वीआईपी शताब्दी ट्रेन में भोजन की घटिया क्वालिटी से पहले से यात्री परेशान थे, इसलिए भोजन को ऑप्शनल करने की डिमांड भी उठ रही थी। रेलवे ने क्वालिटी में सुधार करने की जगह खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। इसका असर यह हुआ कि वीआईपी ट्रेनों में खाने की डिमांड कम हो गई है। जिससे रेलवे को खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
दरअसल पहले शताब्दी सहित वीआईपी ट्रेनों में खाना ऑप्शनल नहीं हुआ करता था। मतलब आपको टिकट के साथ भोजन के पैसे चुकाने पड़ते थे। कुछ समय पहले ही शताब्दी में भोजन का ऑप्शन दिया जाना शुरू कर दिया गया है। इसी बीच रेलवे ने भोजन के दाम भी बढ़ा दिए हैं। ऐसे में लोगों ने अब ट्रेनों में भोजन लेना कम कर दिया है। अब केवल अधिक दूरी का सफर करने वाले यात्री ही भोजन लेना पसंद कर रहे हैं। शनिवार को नई दिल्ली की तरफ जाने वाली शताब्दी में करीब 1000 थाली चढ़ाई गईं। सूत्रों की मानें तो करीब 20-25 प्रतिशत तक भोजन की डिमांड कम हो गई है।
खाने को लेकर शिकायतें थीं:शताब्दी में खाने को लेकर अक्सर शिकायतें रहती थीं। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भोजन ऑप्शनल करने की मांग भी की थी।
क्या है मैन्युः-
भोजनः-
चेयर कारः-जीरा राइस, दाल, दो परांठे, मटर पनीर यदि नॉनवेज लेते हैं तो चिकन करी। आईस्क्रीम।
सेकंड/थर्ड एसीः-इसमें पूरा मैन्यु यही रहता है, केवल जीरा राइस की जगह वेजीटेबल राइस हो जाता है।
फर्स्ट एसीः-मिक्स दाल, कढाई पनीर, मटर राइस, अजवाइन परांठे, ड्राइवेज, आईस्क्रीम, दही।
यह वीआईपी ट्रेनें ग्वालियर से निकलती हैं: गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, कर्नाटक संपर्क क्रांति प्रमुख रूप से शामिल हैं।
नए रेटः-
चायः-35 रुपए
नाश्ताः-140
लंचः-245
—
चेयर कारः-
चायः-20 रुपए
नाश्ताः-105
लंचः-185
—–
वर्जनः-
भोजन ऑप्शनल इसी वजह से किया गया कि लोग अपनी मर्जी से चयन कर सकें। कम दूरी की यात्रा करने वाले लोग अक्सर भोजन लेना नहीं चाहते हैं। अब सुविधा है तो लोग फायदा उठा रहे हैं। कमी कितनी आई यह हम नहीं बता सकते हैं, क्योंकि ट्रेन हमारे मंडल से संचालित नहीं होती है। इसलिए इसका डेटा हमारे पास नहीं है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल
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