ग्वालियर-
श्रीरामचरित मानस का आरंभ संशय से होता है, मध्य में समाधान है और अंत में शरणागति है। यह विचार राष्ट्र संत मुरार बापू ने लहार के रावतपुरा धाम में आयोजित श्रीराम कथा के पहले दिन शनिवार को रामचरित मानस की महिमा बताते हुए व्यक्त किए। संतश्री ने कहा कि जो क्रम श्रीरामचरित मानस में है, वहीं श्रीमद् भगवद् गीता में भी है। रामचरित मानस में जीवन की सभी समस्याओं का हल बताया गया है। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस में जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान है। कथा के प्रारंभ में रावतपुरा सरकार के महंत रविशंकर महाराज सिर पर पोथी रखकर कथा स्थल पर पहुंचे, जहां मंगल कलश स्थापना और गणेश पूजन के बाद कथा प्रारंभ हुई। 22 दिसंबर को रामकथा प्रातः 9ः30 बजे आरम्भ होगी।
ग्वालियर से भी कथा सुनने जाएंगे श्रद्धालु
संत मुरारी बापू भक्त मंडल के सदस्य सुनील चड्ढा ने बताया कि ग्वालियर से भी श्रद्धालु बापू की कथा सुनने जाएंगे। उनके लिए बालाजी बस सर्विस की बस रविवार से प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे महाराज बाड़े से, सुबह 7:45 बजे स्टेशन से तथा सुबह 8 बजे सात नंबर चौराहे से नियमिति मिलेगी। यह बस साधकों को प्रतिदिन नि:शुल्क ले जाएगी।
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