ग्वालियर
कुलपति प्रो.संगीताशुक्ला द्वाराविवादों में घिरे मल्टीआर्ट कॉम्प्लेक्स काशुभारंभराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों कराने कीतैयारी चल रही हैं। वर्तमान में मल्टीआर्ट कॉम्प्लेक्स कीईओडब्ल्यू सहित अन्यविभागों में जांच चल रही है। उसके बावजूदभी इस कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ राष्ट्रपति केहाथों कराया जा रहा है।
पूर्व फायनेंसकंट्रोलर, ईसी मेबर और अन्य लोगों नेमल्टीआर्ट कॉम्प्लेक्स में हुए भ्रष्टाचार कीशिकायत उच्च अधिकारियों से की है।जीवाजी विश्वविद्यालय में बने मल्टीआर्ट14 करोड़ 80 लाख रुपए मेंबनाने के लिए दिसंबर 2014 में अनुमतिमिली थी, लेकिन इसकी राशि हर बारकार्यपरिषद की बैठक में बढ़ती गई। पूर्वफायनेंस कंट्रोलर महक सिंह ने इस परआपत्ति जताई और शिकायत करते हुएराजभवन को पत्र लिखा था। पूर्व फायनेंसकंट्रोलर की शिकायत पर राज भवन ने इसपर जांच भी बिठाई जो जारी है। इधरएनएसयूआई प्रदेश महासचिव सचिन द्विवेदीने मल्टीआर्ट कॉप्लेस में हुए भ्रष्ट्राचार कीशिकायत ईओडब्ल्यू सहित अन्य विभागों में
की। वहां भी जांच जारी है। समय-समय पर ईओडब्ल्यू सहित अन्य विभागों के आलाअफसर मल्टीआर्ट कॉप्लेस से जुड़ेदस्तावेजों को लेने जीवाजी विश्वविद्यालयपहुचंते हैं, लेकिन उन्हे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते। वहीं कार्यपरिषद सदस्यअनूप अग्रवाल भी कार्यपरिषद की बैठक में
कई बार कुलपति प्रो. संगीता शुला सेमल्टीआर्ट कॉप्लेस से जुड़े दस्तावेज मांगे,लेकिन उन्हें भी दस्तावेज आज दिनांक तक
उपलध नहीं कराए गए।इससे मल्टीआर्ट कॉप्लेस के निर्माण
में भ्रष्टाचार होने की बू आती है। तमामअनियमितताएं और जांचे जारी होने के
बावजूद भी कुलपति प्रो.शुला ने राष्ट्रपतिको मल्टीआर्ट कॉप्लेस का शुभारंभ
करने का न्यौता भेज दिया। जबकि उन्हेंऐसा नहीं करना चाहिए था। नियमानुसारजिस भवन की जांच होती है। उसके पूरे
होने तक भवन का शुभारंभ नहीं हो सकते,लेकिन नियमों को ताक पर रख शुभारंभकराया जा रहा है।
वर्षों से धूल खा रहीं दीवारों परआएगी चमक
ईओडब्ल्यूसहित अन्य विभागों में चल रही मल्टीआर्ट कॉप्लेस की जांच
पहले छात्र नेता, अब राष्ट्रपतिकरेंगे शुभारंभ?
विगत दिवस एनएसयूआई प्रदेश महासचिव सचिनद्विवेदी ने मल्टीआर्ट कॉप्लेस का शुभारंभ करदिया। इस पर कुलसचिव ने सचिन सहित अन्य
लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिस काशुभारंभ पहले छात्र नेता कर चुका है। उसकाशुभारंभ अब कुलपति राष्ट्रपति के हाथों करानाचाहती हैं।
इनका कहनाहां, मैंने जीवाजी विश्वविद्यालय में बन रहेमल्टीआर्ट कॉप्लेस की शिकायत की थी। जिसपर जांच जारी है।
महक सिंह, पूर्व फायनेंस कंट्रोलर, जेयू
दुर्भाग्य पूर्ण स्थिति यह है कि राष्ट्रपति आ रहे हैं।
वह हमारे देश के संविधानिक मुखिया हैं और उनसेऐसे भवन का शुभारंभ कराना जिनकी जांच हो रहीहैं। इससे उनकी अवमानना होगी।
प्रो. एपीएस चौहान, विभागाध्यक्ष, पॉलीटिकलसाइंस जेयू
मैंने बहुत बार दस्तावेज मांगे, लेकिन मुझेदस्तावेज उपलब्धनहीं कराए गए। इस बारे मैंनेकुलपति को पत्र भी लिखा, लेकिन जवाब नहीं
मिला। जो अनियमितताएं हुई हैं वह बतलाईं जाएं,योंकि बच्चों का पैसा बच्चों के हित में ही उपयोगहोना चाहिए।
अनूप अग्रवाल, कार्यपरिषद सदस्य, जेयू
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