ग्वालियर
प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिकरवार हत्याकांड के मास्टर माइंड गैंगस्टर परमाल सिंह तोमर को पुलिस ने मुठभेड़ में गोलियों से घुटना फोड़कर पकड़ा है। यह मुठभेड़ शनिवार-रविवार की रात 3.30 बजे जलालपुर-सुसेरा कोठी के बीच हुई। गैंगस्टर अपने दो साथियों के साथ बाइक से मुरैना की ओर जा रहा था। तभी पुलिस ने उसे जलालपुर रोड पर घेर लिया। पुलिस को देखते ही उसने पिस्टल से फायरिंग कर दी। बचाव में पुलिस ने पैरों को निशाना बनाकर फायरिंग की। दो गोली उसके घुटने और उसके नीचे पैर में लगी है। जिसके बाद वह वहीं गिर गया, लेकिन उसके दो साथी फरार हो गए। परमाल की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी था। घटना स्थल से तत्काल उसे जेएएच लाया गया। जहां एसपी नवनीत भसीन ने पहुंचकर उससे पूछताछ की। पंकज की हत्या में परमाल बोला है कि उसने मेरी सुपारी उठा दी थी। वो नहीं मरता तो मैं मारा जाता।
डीआईजी ग्वालियर जोन एके पांडेय, एसपी नवनीत भसीन नेपत्रकारों को बताया कि 10 जुलाई 2019 को प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज सिकरवार की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या की गई थी। तभी से हत्याकांड के मास्टर माइंड गैंगस्टर परमाल सिंह तोमर की तलाश की जा रही थी। कई बार उसकी लोकेशन ग्वालियर के आसपास मिली, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। उस पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था उसकी लोकेशन डीएसपी क्राइम रत्नेश तोमर को मिली। पता लगा कि वह चार शहर का नाका पर किसी से मिलकर मुरैना की तरफ जा रहा है। जिस पर तत्काल एसपी ने सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया, टीआई क्राइम ब्रांच डीपी गुप्ता, टीआई हजीरा व टीआई पुरान छावनी के साथ 4 टीमें बनाकर घेराबंदी के लिए लगाईं। रात करीब 3.30 बजे जलालपुर से सुसेरा कोठी की तरफ बाइक पर 3 युवक आते दिखे। पुलिस को देखकर बाइक सवार भागे। पुलिस के पीछे आते ही सबसे पीछे बैठे परमाल सिंह तोमर ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी घेराबंदी कर फायरिंग की। इस पर वह बाइक से कूदकर गोलियां चलाता हुआ खेत में भागा। पर पुलिस ने पैरों को टारगेट कर गोलियां चलाईं। दो गोली पैर में घुटने के नीचे लगी हैं। इसके बाद वह वहीं गिर गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। परमाल के पास से एक 32 बोर व एक 9 एमएम की पिस्टल मिली हैं। भागने वालों में एक सोनू बताया गया है। तत्काल घायल परमाल को अस्पताल पहुंचाया। मुठभेड़ में परमाल को पकड़ने वाली टीम को एडीजी राजाबाबू सिंह ने बधाई देकर पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पंकज ने मेरी सुपारी उठा दी थी, फिर अभिषेक का बदला भी लेना था
पंकज और परमाल गैंग के बीच करीब 3 सालों से दुश्मनी चली आ रही थी। दोनों गैंग कई बार एक दूसरे के साथियों पर हमला कर चुके थी। अस्पताल में घायल परमाल ने पुलिस अफसरों को बताया कि पंकज को मारना बहुत जरूरी था। मुझे सूचना मिली थी कि पंकज ने मेरी सुपारी उठा दी है। वो नहीं मरता तो मैं मारा जाता। फिर दोस्त अभिषेक का हिसाब भी तो बराबर करना था।
मथुरा, वृंदावन घूमकर हरियाणा के गैंगस्टर के पास पहुंचा परमाल
10 जुलाई को हत्याकांड के बाद परमाल सीधे मथुरा-वृंदावन के लिए निकल गया। यहां 3 से 4 दिन रुकने के बाद वह हरियाणा के एक गैंगस्टर के पास पहुंचा। उससे अच्छे संबंध थे। उसने उसको नोएडा यूपी, हरियाणा के विभिन्न शहर व दिल्ली में बदल-बदल कर ठहराया। इस दौरान वह वैष्णो देवी के दर्शन करने भी पहुंचा।
4 हत्या सहित 26 आपराधिक मामले हैं दर्ज
परमाल ने 16 साल की उम्र में अपराध जगत में कदम रखा था। तब उसने पहली हत्या को अंजाम दिया था। इसके बाद वह ग्वालियर में गैंगस्टर के रूप में उभरा। उसने कम समय में अपराध की दुनिया में पहचान बनाई और शॉर्प शूटर के नाम से पहचाने जाने लगा। अभी उस पर हत्या के 4 मामलों सहित कुल 26 लूट, हत्या, हत्या के प्रयास, फायरिंग, आर्म्स एक्ट सहित मामले दर्ज हैं। इनमें से 10 मामले ग्वालियर थाना, 6 अम्बाह थाना (मुरैना), 7 हजीरा थाना व दो मामले पड़ाव थाना में दर्ज हैं।
पंकज हत्याकांड में अभी तक ये पकड़े गए
पंकज हत्याकांड में अभी तक गैंगस्टर परमाल के अलावा राधे तोमर, बालिस्टर तोमर, शैलू तोमर, राघवेन्द्र सिंह, तारे तोमर, गुलशन तोमर, सोनू उर्फ शिवराम तोमर तथा भाईजी चौहान पकड़े जा चुके हैं, जबकि मुख्य शॉर्प शूटर सोनू तोमर, आशू तोमर, रमन चौहान, संजय तोमर, हरिओम भदौरिया, अजय भदौरिया, रानू और मनोज चौहान फरार हैं। सोनू व आशू पर 30-30 हजार व संजय, रमन पर 10-10 हजार और अन्य पर 5-5 हजार का इनाम है।
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