ग्वालियर –
जीवाजी यूनिवर्सटी में दो सप्ताह पहले बैकडोर से 15 हजार मासिक वेतन पर दस परामर्शदाता शिक्षकों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए चयन प्रक्रिया की नौटंकी की गई।
कला विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, लाइब्रेरी साइंस, पत्रकारिता, ड्राइंग एंड पेंटिंग, सामाजिक विज्ञान तथा जीव विज्ञान विषय से जुड़े सात ऐसे शिक्षकों ने नौ अक्टूबर को ड्यूटी देते समय ही इंटरव्यू दे दिया। बाद में अटेंडेंस रजिस्टर में कांटछांट की गई। इस परीक्षा के लिए चार सितंबर को विज्ञापन जारी किया गया था और 20 सिंतबर तक आवेदन करना था।
बैकडोर से नियुक्ति
जीवाजी यूनिवर्सिटी के दूरस्थ शिक्षण संस्थान (डिस्टेंस) के 11 कोर्स की मान्यता दो साल पहले यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) निरस्त कर चुका है। मान्यता निरस्त होने के बाद इनमें एडमिशन बंद हो गए। बिना एडमिशन के अफसरों ने नौ अक्टूबर को इंटरव्यू काॅल कर डाले। इसमें सात ऐसे अतिथि शिक्षकों का चयन कर लिया गया, जो उस दिन संस्थान में काम कर रहे थे। एक ही समय में काम करने तथा इंटरव्यू देने से पूरी प्रक्रिया ही संदिग्ध हो गई है।

अभी हमारी मान्यता होल्ड पर है
 दूरस्थ संस्थान के कुछ सब्जेक्ट की हमारी मान्यता होल्ड है। हम उसे री-स्टेट कराने के लिए काउंसलर की नियुक्ति कर रहे हैंं। यदि इस भर्ती प्रक्रिया में कोई दिक्कत है तो मैं उसे दिखवा लेती हूं। प्रो. संगीता शुक्ला, कुलपति जेयू
नियम से ही कर रहे हैं भर्ती
अश्विनी कुमार अग्रवाल, डायरेक्टर दूरस्थ शिक्षण अध्ययनशाला
: आपके विभाग में उन विषयों पर भर्ती की जा रही है जो कोर्स बंद हो गए हैं।?
प्रथम वर्ष नहीं हैं, तो क्या हुआ तीसरे वर्ष के छात्र तो हैं।
: इंटरव्यू देने वाले कुछ कैंडिडेट उस दिन भी ड्यूटी पर थे और जब हंगामा हुआ तब उनके साइन काटे गए?
नहीं इंटरव्यू में शामिल होने वाले कैंडिडेट ड्यूटी पर नहीं थे और न ही किसी के साइन काटे गए हैं।
: आपने शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकाला है, जबकि परामर्शदाता की नियुक्ति होनी है?
नहीं, गलती शिक्षक लिख गया होगा। उससे कोई फर्क नहीं पढ़ता, वे परामर्शदाता ही हैं।
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