ग्वालियर-
चोरी की कैडबरी टॉफी के 55 कार्टन बरामद करने के बाद क्राइम ब्रांच ने गत दिवस को बाला बाई का बाजार स्थित बृजवासी मिष्ठान भंडार व भोजनालाय के संचालक बलदेव अग्रवाल से पूछताछ की। बलदेव ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने सस्ते में 85 कार्टन ट्रक चालक रामदुलारे राठौर से साढ़े 5 लाख में खरीदे थे। राठौर को वह परिचित बता रहा है। बलदेव का कहना है कि चूंकि उसके यहां कैडबरी का माल बिकता नहीं है। इसलिए उसने तत्काल 70 हजार का मुनाफा कमाकर 85 कार्टन का सौदा कर माल कटनी भेजने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित महावीर ट्रांसपोर्ट पर भेज दिया। राठौर ने उसे बिल भी दिया था, जिससे बिल्टी बन गई। क्राइम बांच टीआई डीपी गुप्ता का कहना है कि चोरी का माल खरीदने के आरोप में बलदेव के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
कैडबरी कंपनी के अधिकारियों ने ओड़ीशा के बालासोर में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर दिखाते हुए जिले के पुलिस अधिकारियों को बताया कि एक करोड़ कीमत की टॉफी कोलकाता से चेन्नाई के लिए सहारा रोड लाइंस के ट्रक में लोड की थी। ट्रक चालक रामदुलारे राठौर ने ट्रांसपोर्टर को सूचना दी कि बालासोर में वह सो गया और चोर टॉफी से लदा ट्रक खाली कर गए। सूचना देने के बाद चालक गायब हो गया। ट्रांसपोर्टर केके शर्मा ने चालक रामदुलारे राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला बालासोर थाने में दर्ज कराया। तभी से कंपनी के लोग चोरी गईं टॉफियों की तलाश कर रहे थे। चूंकि ड्राइवर मुरैना का था। इसलिए आशंका थी कि उसने कुछ माल ग्वालियर व आसपास के जिलों में ठिकाने लगाया होगा। इसी आधार पर ये लोग चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश कर रहे थे। शुक्रवार की रात सटीक सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच को साथ लेकर कंपनी के अफसरों ने बृजवासी मिष्ठान भंडार व भोजनालाय पर छापा मारा। एक कार्टन यहां से बरामद करने के बाद बलदेव अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। उसकी सुरागदेही पर 55 कार्टन महावीर ट्रांसपोर्ट से बरामद किए हैं, जबकि बलदेव का कहना है कि उसने पूरे 85 कार्टन भेजे थे। अब सवाल उठ रहा है कि 30 कार्टन ट्रांसपोर्ट से कहां गए। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट के मैनेजर से पूछताछ की जा रही है। बलदेव का कहना है कि अभी उसे राठौर को 50 हजार रुपए और देने हैं।
पूरी रात नाटक किया बलेदव ने-
क्राइम ब्रांच के ऑफिस पहुंचने के साथ ही बलदेव अग्रवाल ने नाटक करना शुरू कर दिया। कभी वह बेहोश होता तो कभी मुंह से झाग निकलाने लगता। रातभर वह क्राइम ब्रांच ऑफिस में ड्रामा करता रहा।
किस धारा के तहत मामला दर्ज करें-
क्राइम ब्रांच के अधिकारी दिनभर इस बात के लिए माथापच्ची करते रहे कि बलदेव अग्रवाल पर किन धाराओं के तहत मामला दर्ज करें। जिला अभियोजना अधिकारी की राय थी कि माल सहित बलदेव को ओड़ीशा पुलिस के सुपुर्द कर दें, जबकि ओड़ीशा पुलिस को यहां आने में 3 दिन का समय लगेगा। जब तक उसे हिरासत में रखना मुश्किल है। क्योंकि वह रात से नाटक कर रहा है। जबकि हाइप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस अधिकारी बगैर लिखा-पढ़ी के छोड़ने के मूड में भी नजर नहीं आ रहे हैं। देर शाम बलदेव के खिलाफ चोरी का माल खरीदने के आरोप में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
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