ग्वालियर
गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के सर्जरी विभाग में पहली बार किडनी का दूरबीन से सफल ऑपरेशन किया गया। इस पद्घति से ऑपरेशन से मरीज को भी अधिक परेशानी नहीं उठानी पड़ी और दो दिन में ही उसकी अस्पताल से छुट्टी भी कर दी गई। अंचल में इस पद्घति का पहला ऑपरेशन है, जो सरकारी अस्पताल में किया गया है। अभी तक किडनी संबंधी ऑपरेशन बिना दूरबीन के किए जाते थे, जिसमें मरीजों को परेशानी भी उठानी पड़ती थी और लंबे समय के लिए भर्ती भी रखना पड़ता था। सर्जरी विभाग के विभाग प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अचल गुप्ता और उनकी टीम द्वारा यह सफल ऑपरेशन किया गया।
मल्टीपल पॉलीस्सिटिक किडनी की बीमारी से ग्रस्त थी महिला-
27 वर्षीय महिला मल्टीपल पॉलीसिस्टिक किडनी की बीमारी ग्रस्त थी। इस बीमारी में किडनी खराब होने से काम करना बंद कर देती है। इस कारण पेट में असहनीय दर्द होता है। यदि किडनी न निकाली जाए तो वह शरीर के अन्य अंगों में इन्फेक्शन फैला देती है जिससे मरीज की मौत भी हो सकती है।
पेट में आए तीन टांके-
महिला को जेएएच की सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया। दो दिन पहले दूरबीन से डॉ अचल गुप्ता ,डॉ देवेन्द्र प्रजापति, डॉ देवांश अरोड़ा एवं डॉ दिलीप कोठारी एवं उनकी टीम ने ऑपरेशन किया। महिला के पेट में छोटा सा चीरा लगा कर खराब किडनी को बाहर निकाल दिया गया और तीन टांके लगा दिए। दो दिन बाद उसकी छुट्टी कर दी गई। महिला अब पूरी तरह से स्वास्थ्य है और वह सामान्य लोगों की तरह काम काज करने लगी है।
दो लाख का खर्च आता, जेएएच में निशुल्क हुआ-
डॉ अचल गुप्ता का कहना है कि निजी अस्पताल में इस ऑपरेशन का खर्च करीब 1 से 2 लाख रुपए आता है। पर इस पद्घति से पहली बार जेएएच के सर्जरी विभाग में सफल ऑपरेशन निशुल्क हुआ। इससे समय,मरीज की परेशानी और खर्च में बचत हुई।
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