धार- फेक कॉल के जरिए सरकारी काम करवाने वाले इंजीनियरिंग के छात्र से पूछताछ में बड़ा पर्दाफाश हुआ है। एसपी, विधायक का नाम इस्तेमाल करने के बाद अब ऊर्जा मंत्री प्रियव्रतसिंह खींची के नाम का फायदा उठाने की जानकारी सामने आई है। आरोपित राजपाल के मोबाइल में ऊर्जा मंत्री और उनके पीए का भी नंबर मिला है। हालांकि उसने कौन-कौन से काम करवाए हैं, इसको लेकर सागौर पुलिस पुलिस जांच कर रही है, वहीं एमपीईबी के कुछ अधिकारियों ने सागौर पुलिस से संपर्क किया है।
जानकारी सामने आई है कि एमपीईबी से भी ऊर्जा मंत्री के नाम से काम करवाने के लिए फोन आया था। पुलिस का कहना है कि आरोपित से पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बता दें कि एसपी आदित्यसिंह ने पर्दाफाश किया था कि आरोपित राजपालसिंह पंवार एक साल से फेक कॉल एप के जरिए इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला और एसपी सहित अन्य अधिकारियों के नंबर के जरिए विभाग के अधिकारियों को फोन कर अपने काम करवाता था।
कहीं फाइल अटकी तो अधिकारी व विधायक बनकर फाइल आगे बढ़ाने के लिए रौब बनाता था। आरोपित ने धार एसपी आदित्य प्रतापसिंह के नंबर से एसपी बनकर सागौर थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा को शस्त्र खरीदने की फाइल देख लेने के लिए फोन किया था, लेकिन प्रभारी व स्टाफ को आवाज से संदेह हुआ और उन्होंने प्लान बनाकर आरोपितों के कारनामे का पर्दाफाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
– आरोपित राजपालसिंह के मोबाइल में ऊर्जा मंत्री के नंबर मिले हैं। उसने उनके नंबर से भी काम करवाने के लिए अधिकारियों को फोन किया था। पूछताछ के बाद आरोपिता को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जो काम करवाने की बात सामने आई है उनको लेकर जांच की जा रही है।
-प्रतीक शर्मा, टीआई सागौर
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