ग्वालियर-मुरैना अंबाह क्षेत्र के रुधावली गांव में 2 कुपोषित बच्चों की 24 घंटे के अंदर मौत हो गई। परिजन ने अपने 11 माह के बेटे को 16 सितंबर को अंबाह एनआरसी में भर्ती कराया था लेकिन 22 सितंबर की रात अचानक तबियत खराब होने से उसे 23 सितंबर की सुबह 8 बजे मुरैना जिला अस्पताल रैफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई।
मृत बच्चों के पिता की शिकायत पर तहसीलदार ने बच्ची का कराया पोस्टमार्टम
वहीं ढाई साल की बेटी को सोमवार की रात उल्टियां होने लगीं। मंगलवार सुबह माता-पिता उसे अस्पताल लेकर जहां, डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पिता का आरोप है कि मेरे बेटा-बेटियों को अस्पताल में ठीक से इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई।
रुधावली गांव में 16 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। टीम ने जांच-पड़ताल के दौरान मानव (11 माह) पुत्र भीमसेन शाक्य का चेकअप किया तो उसका वजन 5.50 किग्रा था।
तय मानकों के अनुसार बच्चा मानव कुपोषित माना गया और उसे अंबाह एनआरसी में भर्ती कराया गया। 22 सितंबर की रात मानव को अचानक उल्टी-दस्त हुए और उसकी हालत बिगड़ गई।
23 सितंबर की सुबह डॉ. जीसी आर्या ने बच्चे को आवश्यक इंजेक्शन लगाकर मुरैना जिला अस्पताल में भर्ती कराने रैफर कर दिया। लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने पर बच्चे की मौत हो गई। मृत बच्चे को लेकर उसकी मां शकुंतला अपने गांव आ गई। सोमवार की रात भीमसेन व शकुंतला की बेटी जाह्नवी (ढाई साल) को अचानक उल्टियां होने लगीं। मंगलवार सुबह जब माता-पिता बच्ची को लेकर अंबाह अस्पताल पहुंचे तो वहां उसकी भी मौत हो गई।
पिता का आरोप-इलाज में लापरवाही, बीएमओ बोले-बच्ची भर्ती ही नहीं थी
दो बच्चों की मौत के बाद उनके पिता भीमसेन शाक्य ने बच्चों के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उसने तहसीलदार भरत कुमार को लिखित आवेदन भी दिया। इस पर बीएमओ डॉ. डीएस यादव ने मृत बच्ची का पोस्टमार्टम कराया।
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