डबरा पिछोर
मेरे बेटे ने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा। फिर भी गोली मारकर उसकी जान ले ली। ये सब खेल रेत माफिया और पुलिस का है। पिछोर में पहले अपराध नाम की चीज नहीं थी, लेकिन अब पुलिस व रेत माफिया के गठजोड़ की वजह से यहां अपराध होना शुरू हो गए हैं। इसी वजह से पूर्व में हुए झगड़े को लेकर पुलिस ने मेरे नाम से मारपीट की एफआईआर दर्ज कर दी थी। क्या मैं 60 साल का बूढा किसी की मारपीट कर सकता हूं? ये सब पुलिस ने कराया है। यह बात मृतक पवन के पिता सरनाम सिंह यादव ने सिविल अस्पताल में मीडिया कर्मियों से चर्चा के दौरान कही। 

इस मामले में थाना प्रभारी पिछोर के अलावा पर्दे के पीछे अन्य लोग भी हैं जिनकी करोड़ों की मशीने पकड़ी गई हे

उल्लेखनीय है कि रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन की मुखबरी के शक और आपसी रंजिश को लेकर मंगलवार सुबह करीब 9ः30 बजे 35 वर्षीय पवन पुत्र सरनाम यादव निवासी जनकपुर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों ने बताया कि पिछोर मंडी तिराहे पर नगर पंचायत में पदस्थ पवन काम कर रहा था। तभी अज्ञेय और कल्लू पुत्र आदिराम यादव, राकेश और मलखान पुत्र रमेश यादव, दिलीप पुत्र गब्बर सिंह यादव निवासी जनकपुर, ओमप्रकाश पुत्र गुंधारी निवासी जनकपुर और रमेश यादव निवासी प्रेमपुरा पिछोर, वहां आए और पहले तो पवन को लाठियों से पीटा की और फिर उसे गोली मार दी। गोली पवन की गर्दन में लगी और आरपार हो गई। गोली चलने के बाद मंडी तिराहे पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पवन के परिजन मौके पर पहुंचे तब तक सभी आरोपित बाइकों से भाग गए। गोली लगने के बाद परिजन पवन को अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिछोर थाने में उक्त आरोपितों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 302 और 294 भादंवि के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपः थाना प्रभारी ने कहा था, मान जाओ, वर्ना मर्डर हो जाएगा
मृतक पवन के चाचा जनक सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पवन की मौत के पीछे पिछोर थाना प्रभारी पप्पू यादव का हाथ बताया। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि दो दिन पहले रेम माफिया खेत में रेत डंप कराना चाहते थे। लेकिन जब डंप कराने से मना कर दिया। जिसे लेकर टीआई पप्पू यादव ने कहा था कि मान जाओ, वर्ना मर्डर हो जाएगा। और हत्या हो गई।
परिजनों ने थाना प्रभारी पप्पू यादव पर रेत खनन करवाने के आरोप लगाए और उसके खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए अड़े रहे।
एक घंटे तक किया चक्काजाम, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की
गुस्साएं परिजनों ने पिछोर तिराहे पर जाकर शव को रखकर चक्काजाम कर दिया। पहले परिजनों ने थाना प्रभारी पप्पू यादव का नाम आरोपितों में शामिल करने की मांग की, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई। परिजनों ने बताया कि पवन परिवार को अकेला चला रहा था उसके जाने के बाद परिवार का सहारा छिन गया है। पवन का करीब 4 साल का बेटा है। इसलिए परिजनों ने पवन की पत्नी को नौकरी दिलाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर परिवार को सहारा नहीं मिला तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। उनके पास अब इतनी जमीन भी नहीं है कि वह आराम से रह सकें। उनकी मांग सुनकर मौके पर मौजूद एसडीएम राघवेंद्र पांडेय तहसीलदार नवनीत शर्मा ने हर संभव मदद किए जाने का आश्वासन दिया। उसके बाद करीब एक घंटे के बाद चक्काजाम खुल गया।
सुबह के समय जब में नाश्ता लेने गया था, तब सभी आरोपित पवन के साथ मारपीट कर रहे थे। फिर गोली मारकर भाग गए।
-राहुल यादव, फरियादी व मृतक का चचेरा भाई।
मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह झूठे हैं। यह इन लोगों का रंजिशन झगड़ा था। इसके चलते ये घटनाक्रम सामने आया है।
– पप्पू यादव, थानाप्रभारी, पिछोर।
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