ग्वालियर-
मरीजों का सुविधा वाहन ही बीमार हो गया। पांच 108 एंबुलेंस वाहन मेंटेनेंस के अभाव में खड़ीं हो गईं। जिसके कारण मरीजों के सामने ही समस्या खड़ी हो गई। 108 एंबुलेंस के मेंटेनेंस के नाम पर खाना पूर्ति की जाती है। यही कारण है कि लंबे समय से खराब चल रहे वाहनों का अब पहिया घूमना ही बंद हो गया। जिले में कुल 15 एंबुलेंस तैनात हैं जिसमें से पांच के पहिया थम जाने से मरीजों के सामने समस्या खड़ी हो गई। लेकिन जिम्मेदार अपनी लापरवाही का ठीकरा चालकों पर फोड़ रहे हैं।
सालों से नहीं हो रहा मेंटेनेंस-
24 घंटे मरीजों को अस्पताल तक लाने ले जाने का काम करने वाली 108 एंबुलेंस का ठीक से मेंटेनेंस नहीं हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि जब से 108 एंबुलेंस आईं तब से संभवतः एक या दो बार ही मेंटेनेंस शुरू शुरू में हुआ। इसके बाद टेप टाप करवाकर ही चलवाए जा रहे हैं, एंबुलेंस का प्रोपर मेंटेनेंस नहीं किया गया। जिसके कारण 5 एंबुलेंस रविवार को गैराज में खड़ी हो गईं। यदि वाहनों के मेंटेनेंस को लेकर यही हालात रहे तो बाकी के दस 108 एंबुलेंस कभी भी गैराज में खड़ीं हो सकती हैं।
इन गाड़ियों के थमे पहिये-
कंपू, गिरवाई, पुरानी छावनी और हस्तनापुर में तैनात 108 वाहनों के पहिए मेंटेनेंस के आभाव में थम गए। जबकि 15दिन पहले पिछोर में तैनात एंबुलेंस दुर्घटना का शिकार हुई थी। पिछले 15 दिन से वह गैराज में खड़ी हुई है जिसमें सुधार कार्य आज तक नहीं हो सका।
मेंटेनेंस के लिए गाड़ी खड़ी कर देते हैं-
मेंटेनेंस के लिए गाड़ी गैराज भेजी जाती है, उसके स्थान पर दूसरी गाड़ी उपलब्ध करवाई जाती हैं । अभी हाल ही में तीन से चार 108 वाहन ग्वालियर भेजे गए हैं। फिर भी मैं दिखवा लेता हूं क्या मामला है।
अमित पतकी, ऑपरेशन हेड, जिगित्सा कंपनी भोपाल
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