ग्वालियर –
रायरू-झांसी बायपास के घटिया निर्माण और क्षतिग्रस्त रायरू रेल ओवर ब्रिज (अारओबी) के मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी अॉफ इंडिया (एनएचएआई) ने हाईकोर्ट में जवाब पेश कर दिया है।

जवाब में बताया गया है कि आरओबी की एक साइड को दुरुस्त कर ट्रैफिक शुरू कर दिया गया है और दूसरी साइड का काम चल रहा है, जिसे 3 दिसंबर तक पूरा कर लेंगे। एनएचएआई ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में तारीख के साथ पूरा प्लान पेश किया है कि कब क्या काम किया जाएगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में दोषी मानते हुए बायपास बनाने वाली कंस्टक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। साथ ही तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रदीप मुदगल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जा रही है। एनएचएआई ने जवाब में ये भी बताया है कि रेलवे अधिकारियों का पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण काम में देरी हो रही। एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने बायपास की दुर्दशा को लेकर याचिका दायर की है।
पत्रकार कॉलोनी: निचली अदालत की डिक्री पर रोक: सिटी सेंटर में जीडीए द्वारा बनाई गई मामा माणिकचंद्र वाजपेयी पत्रकार कॉलोनी के मामले में हाईकोर्ट ने राधेलाल के स्वामित्व की डिक्री पर स्टे कर दिया है। जीडीए ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर कहा है कि जिस जमीन पर राधेलाल ने स्वामित्व का दावा किया व निचली अदालत के सामने प्राधिकरण का पक्ष नहीं आ सका और एक पक्षीय सुनवाई करते हुए राधेलाल के पक्ष में डिक्री पारित कर दी। वह जमीन प्राधिकरण के स्वामित्व की है।
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