ग्वालियर
विश्वविद्यालय क्षेत्र में कैलाश विहार के पास एक किराए के कमरे में फर्जी फाइनेंस कंपनी चला रहे एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़ा गया युवक व उसके साथी लोन दिलाने व अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। इससे पहले वे नोएडा में फर्जी कंपनी चला रहे थे। पुलिस को आ फिस में चार युवतियां व एक युवक नौकरी करते मिले। युवतियों ने बताया कि वे 8 दिन से नौकरी पर आ रहीं थीं। पकड़े गए युवक के छह साथी मास्टर माइंड शोभान मुसलमान सहित फरार हो गए। इस कंपनी की सूचना देने वाले को पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
सीएसपी मुनीष राजौरिया ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि कैलाश विहार में इंडोफिन बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड फाइनेंस कंपनी के नाम से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। कंपनी के कर्मचारी लोगों को लोन फाइनेंस के साथ ही नौकरी लगवाने का झांसा दे रहे थे। इनकी गतिविधि संदिग्ध बताई गई। टीआई रामनरेश यादव ने टीम के साथ दबिश दी और एक युवक वकार अहमद निवासी मेरठ को पकड़ लिया
पंजीयन व जीएसटी नंबर फर्जी: कंपनी के दस्तावेजों की जांच में आधार कार्ड पंजीयन व जीएसटी नंबर फर्जी निकले। पुलिस ने कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
इन पर दर्ज हुआ मामला: पुलिस ने आरोपी वकार अहमद से पूछताछ के बाद नासिर खान, जाहिद खान, शोभना मुसलमान, शहजाद खान, अयान खान, अनीस सिद्दकी निवासी मेरठ के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज कर लिया है। वकार अहमद के अलावा सभी आरोपी फरार हो गए। फरार हुए आरोपियों की तलाश में पुलिस पार्टी मेरठ रवाना हो गई है।
लोन अावेदन पर फाइल चार्ज लेकर हो जाते फरार
ठगों ने कंपनी के नाम लोन अावेदन प्रिंट कराए थे। एक लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक के लोन पर फाइल चार्ज के रूप में 5 हजार से 20 हजार रुपए आवेदकों से वसूला जाना था। कंपनी के सेल्स एक्जीक्यूटिव आवेदन अपने बेंगलुर मुख्यालय भेजे जाने के नाम पर होल्ड पर रखते अौर रकम एकत्र कर फरार हो जाते।
सभी ने बदल रखे थे अपने नाम: आरोपियों ने अपने नाम बदलकर रखे थे। शोभान ने अपना नाम सिद्धार्थ मल्होत्रा, शाहबाज ने अपना नाम रोहित, अयान ने नाम समर मलिक, अनीस सिद्दकी ने अपना नाम अजय कुमार, नासिर खान ने विक्रम तथा जाहिद ने सौरभ पाठक नाम रखा था।
विश्वविद्यालय क्षेत्र के कैलाश विहार में किराए के मकान में चला रहे थे ऑफिस
आ धार कार्ड, पेन कार्ड के नाम पर लोन का झांसा
शहर के प्रमुख चौराहों के अासपास स्मार्ट सिटी बस स्टॉप पर विगत लगभग एक माह से आधार कार्ड व पेन कार्ड की कॉपी लेकर 1.50 लाख रुपए के लोन दिलाने के भरोसा देकर दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं। यहां पर लोगों को एसबीआ ई सहित अन्य बैंक से लोन दिलाने का भरोसा दिया जा रहा है, जबकि एसबीआ ई के अफसरों का कहना है बैंक प्रबंधन द्वारा एेसे कोई शिविर नहीं लगाए जा रहे हैं।
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