ग्वालियर -दतियाजिला याेजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री डाॅ गाेविंद सिंह के सामन सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह ने सिविल अस्पताल सेंवढ़ा सहित ब्लाक के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का बात कही थी। इस पर प्रभारी मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने निर्देश दिए थे कि सभी स्थानों पर जिला अस्पताल से चार-चार डॉक्टरों को पदस्थ करें। उन्होंने दो दिन के अंदर यानि 25 जून तक यह व्यवस्था करने के लिए कहा था। लेकिन अाठ दिन में स्वास्थ्य विभाग डाॅक्टराें की सूची ही नहीं बना पाया है।

जिले के इंदरगढ़, सेंवढ़ा और भांडेर में डॉक्टरों की भारी कमी है। यहां के अस्पतालाें में एक-एक डॉक्टर तैनात है। सेंवढ़ा से मरीज को ग्वालियर, इंदरगढ़ से मेडिकल कॉलेज दतिया या ग्वालियर और भांडेर से सीधे झांसी अथवा मेडिकल कॉलेज दतिया रैफर कर दिया जाता है। हाल ही में आयोजित जियोस की बैठक में सेंवढ़ा विधायक श्री सिंह ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। उनके स्वर में स्वर भांडेर विधायक रक्षा सिरौनिया ने मिलाया। जिस पर प्रभारी मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि मेडीकल कॉलेज खुल जाने से अब जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं है। इसलिए जिला अस्पताल के डॉक्टरों का तत्काल इन स्थानों पर पदस्थ किया जाए।
22 जून को बैठक में प्रभारी मंत्री ने दिए थे दो दिन में डॉक्टर्स पदस्थ करने के निर्देश।
जनप्रतिनिधियों ने उठाया था डॉक्टरों की कमी का मुद्दा
शनिवार को जिला योजना समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सेवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह और भांडेर विधायक रक्षा सिरौनिया ने स्वास्थ्य केन्द्रों में डाॅक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया था। प्रभारी मंत्री डॉ. सिंह ने सेवढ़ा में चार डाॅक्टर, उनाव में दो डाॅक्टर, भांडेर व इन्दरगढ़ में अतिरिक्त दो-दो डाॅक्टर पदस्थ करने के अलावा गोंदन, सालोन-बी, सोहन समेत समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक-एक डाॅक्टर दो दिन के अंदर पदस्थ करने की निर्देश दिए थे। लेकिन जिन डॉक्टरों को इन अस्पतालों में भेजा जाना है उनकी सूची सीएमएचओ कार्यालय द्वारा तैयार ही नहीं की गई है।
20 दिन पहले रिलीव किया, ज्वाइन करने के बजाए अवकाश पर गए डॉ. बाथम
ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर जाना नहीं चाहते। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल खाली पड़े हैं। सेंवढ़ा विधायक की मांग पर सीएमएचओ डॉ. पीके शर्मा ने जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. एसएस बाथम को सेंवढ़ा सिविल अस्पताल स्थानांतरित किया था। यह आदेश एक जून को जारी किया गया था। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि सिविल अस्पताल सेंवढ़ा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उन्या 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनके अतिरिक्त सेंवढ़ा अस्पताल में मात्र एक चिकित्सक ही पदस्थ हैं। इसलिए चिकित्सकीय व्यवस्था के लिए जिला अस्पताल दतिया में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. बाथम की ड्यूटी राज्य स्तर से आगामी व्यवस्था होने तक सेंवढ़ा में लगाई जाती है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया था। 3 जून को डॉ. बाथम को जिला अस्पताल से रिलीव भी कर दिया गया था लेकिन डॉ. बाथम ने सेंवढ़ा ज्वाइन ताे नहीं किया, वे अवकाश पर जरूर चले गए।
दतिया में काम कर रहे हैं 134 डॉक्टर
जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में चिकित्सीय स्टाफ 134 है। इनमें मेडिकल कॉलेज के 85 डॉक्टर और जिला अस्पताल के 49 डॉक्टर शामिल हैं। इनमें प्रथम श्रेणी के डॉक्टर भी शामिल हैं। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत एक साल से दतिया में हुई है और अब सभी वार्डों, ओपीडी, मेटरनिटी, इमरजेंसी में मेडिकल डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रात के समय भी मेडिकल कॉलेज का स्टाफ मौजूद रहता है। जिससे जिला अस्पताल के डॉक्टर की सेवाएं कम हो गई हैं। जिसके चलते जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की तैनाती बढ़ाने की मांग की थी।
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