सिंगरौली/ अक्सर प्रदूषण के लिए चर्चाओ में रहने वाला दिल्ली जहाँ हर वक्त इससे निजात पाने के लिये कोई ना कोई प्रयास होते रहते है।।
लेकिन हम बात करने जा रहे है मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले की जहाँ की नेशनल अस्तर पर कोई चर्चा नही होती लेकिन सिंगरौली की हालत ये है कि घर का दरवाजा अगर बंद के रख्खे तो भी धूल पावर प्लांटो से निकलने वाले राख और कोयले से उसने वाले कोयले का डस्ट आप के घर मे प्रवेश कर ही जायेगा।। आप अंदाजा लगाइये की बाहर का हालत कैसा होगा लोग इस प्रदूषण के चलते आय दिन बीमारियों के शिकार हो रहे है। और अपने कमाई का एक बड़ा हिस्सा इलाज में खर्च करना पड़ रहा है । लेकिन इनके बारे में कोई सोचने वाला नही है जहाँ NGT का आदेश था कि कोयला परिवहन सड़क के माध्यम से नही होगा वहीं सिंगरौली में अधिकारी और कंपनियों के साठ गांठ के चलते धड़ल्ले से ट्रेलरों चलवाई जा रही थी कुछ दिन बंद रहा लेकिन फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुरु हो जाएंगी।

जहाँ सड़क कोल परिवहन से प्रदूषण बढ़ रहा था वही आय दिन सड़क दुर्घटना के कारण लोगो की मौते भी हो रही थी लोगो को लगा की अब बन्द हो जायेगा लेकिन ये खुशी मात्र कुछ दिनों के लिए ही रहा अब दुबारा सड़क कोल परिवहन सुरु हो जाएगा।। और सड़क पर चलने वाले लोग फिर वही पुरानी स्थिति में आ जाएंगे।।
हम बात कर रहे है प्रदूषण की तो आप को बता दे कि स्थिति ये हो गयी है कि लोग विमारियों के चंगुल में फंसते जा रहे है और प्रति दिन मौत के करीब पहुँच रहे है।।अगर प्रशासन द्वारा इसपे जल्द पहल नही की गई तो ये इस्थिति आगे और खराब होती चली जायेगी।।।
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