दतिया में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर पुलिस भर्ती में शामिल होने के बाद दो साल से पुलिस विभाग में सात लोग सिपाही के पद पर नौकरी कर रहे थे। जांच के बाद इन सभी के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर इन सातों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
इनमें से एक सिपाही ग्वालियर और तीन डबरा के रहने वाले
एसपी कार्यालय में पिछले दिनों सात नव सिपाहियों के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने की शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि वर्ष 2017-18 में पुलिस सिपाही की भर्ती हुई थी। इस भर्ती में ग्वालियर के लधेड़ी निवासी विजय मांझी, डबरा के सालबई गांव निवासी कालीचरण मांझी, दतिया जिले के खोड़न गांव निवासी पंकज मांझी, भिंड के आलमपुर के सुरेंद्र मांझी, दतिया के उदगवां गांव के संजीव केवट, डबरा के चीनोर गांव निवासी अरुण कुमार बाथम व डबरा के ही छीमक गांव के छोटेलाल मांझी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली। दतिया में इनकी पदस्थापना के बाद दस्तावेज के परीक्षण में इनके जाति प्रमाण पत्र आदिम जाति कल्याण विभाग से बने नहीं पाए गए। इसी गड़बड़ी के आधार पर दस्तावेजों को फर्जी माना गया और उन्हें सेवा योग्य न पाते हुए बर्खास्त कर दिया। प्रकरण कार्रवाई के लिए कोतवाली भेजा गया। पुलिस ने सातों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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