ग्वालियर-
गजराराजा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस फाइनल प्रोप करने के बाद इन्टर्नशिप कर रहे 120 मेडिकल स्टूडेंटस के साथ प्रदेश के भोपाल, इंदौर, रीवा, सागर, जबलपुर सहित सभी सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के स्टूडंेट्स इससे प्रभावित होंगे। मेेडिकल काउंसिल द्वारा भरवाए जा रहे शपथ पत्र में स्टूडेंट को यह कथन देना पड़ रहा है कि यदि एमसीआई की मान्यता यूनिवर्सिटी को नहीं मिलती है, तो मुझे एमसीआई में रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने का अधिकार नहीं रहेगा। वहीं मेडिकल स्टूडेंटस का कहना है कि एमबीबीएस डिग्री पूरी होने के बाद वे न तो प्री-पीजी एक्जाम दे पाएंगे और न ही जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंटशिप कर सकेंगे। एमबीबीएस पासआउट स्टूडेंट निजी प्रैक्टिस भी नहीं कर सकेंगे। गौरतलब है कि 2014 से पहले जीआर मेडिकल कॉलेज जेयू, गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल बरकतउल्ला, इंदौर मेडिकल कॉलेज डीएवीवी से मान्यता प्राप्त थे।
जबलपुर स्थित मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी।
मप्र मेडिकल काउंसिल द्वारा प्रदेश के छह सरकारी व पांच प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को भेजा गया पत्र।
स्टूडेंट हो सकते हैं प्री-पीजी से बाहर
इन कॉलेजों के रजिस्ट्रेशन नहीं
जिन छात्रों की एमबीबीएस डिग्री को रजिस्ट्रेशन नहीं मिल सकेगा उनमें गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, गांधी मेेडिकल कॉलेज भोपाल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर, एनएससीबी मेडिकल कॉलेज जबलपुर, एसएस मेेडिकल कॉलेज रीवा, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के अलावा चिरायु मेेडिकल कॉलेज भोपाल, इंडेक्स मेेडिकल कॉलेज इंदौर, एलएन मेडिकल कॉलेज भोपाल, आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन, अरविंदो मेडिकल कॉलेज इंदौर शामिल हैं।
प्री पीजी से पहले हल हो जाएगी रजिस्ट्रेशन की समस्या
 अभी तक प्रदेश के मेेडिकल कॉलेज अलग-अलग यूनिवर्सिटी से संबंद्ध थे। अब यह मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी मंेे आ गए हैं, इस कारण प्रक्रिया में देरी हुई है। हम तेजी से प्रयास कर रहे हंै कि वेबसाइट पर सभी कॉलेज हमारी यूनिवर्सिटी से संबद्ध दिखें। यह एमबीबीएस का फर्स्ट बैच है, जिसे हमारी यूनिवर्सिटी डिग्री प्रदान करेगा। कॉलेजों के दस्तावेज में अभी भी पुरानी यूनिवर्सिटी के नाम लिखे हैं। मेेडिकल काउंसिल के हिसाब से हम प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। शपथ पत्र भरवाना कोई इश्यू नहीं है। यह तो भरवाना ही पड़ता है। डॉ. आरके शर्मा, कुलपति, मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी से प्रक्रिया चल रही है
 इन्टर्नशिप छात्रों की डिग्री रजिस्ट्रेशन मामले में मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर से प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इस मामले का हल हो जाएगा। हमारी ओर से सभी जानकारी यूनिवर्सिटी को भेज दी गई है। डॉ. भरत जैन, डीन, जीआर मेडिकल कॉलेज ग्वालियर
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