ग्वालियर-
जीवाजी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राज्यपाल की ओर से गठित समिति के पदाधिकारियों ने नेक एक्रीडियेशन निरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। समिति के सदस्यों के समक्ष सभी विभाग प्रमुखों ने अपने प्रजेंटेशन दिए। जिसमें हर स्तर पर कमी। न रिजल्ट समय पर थे और न परीक्षाएं। कोर्स के बदलाव को भी नहीं बता पाए। इनकी कमियों को लेकर समिति के पदाधिकारी न खुश दिखे। समीक्षा में बताई जानकारियों को देखकर लग रहा है कि जेयू को अपनी ए ग्रेड बचाना मुश्किल दिख रहा है।
जीवाजी विश्वविद्यालय को ए ग्रेड का दर्जा मिला है। नेक की टीम का जनवरी-फरवरी 2020 में निरीक्षण होना है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्यपाल ने समितियां गठित की है, जो प्रदेश के विश्वविद्यालय में जाकर नेक की टीम के निरीक्षण को लेकर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। जेयू में दो सदस्यीय कमेटी तैयारियों की समीक्षा करने आई। गुजरात विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दक्षेस ठाकर व बीएचयू के प्रो अनिल कुमार राय ने तैयारियों की समीक्षा की। सुबह 10ः30 बजे से बैठक शुरू हो गई थी। दोपहर 2ः30 बजे तक हर विभागाध्यक्ष ने अपना-अपना प्रजेंटेशन दिया। प्रजेंटेशन में हर स्तर पर गड़बड़ी मिली। कमेटी ने कहा कि आपके पास अभी समय है। जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करके ही नेक टीम के निरीक्षण का आवेदन करेगा। बैठक में कुलपति संगीता शुक्ला, कुलसचिव आईके मंसूरी, परीक्षा नियंत्रक डा आरकेएस सेंगर, वित्त नियंत्रक सगीरा सिद्दकी, प्रो केएस ठाकुर, हेमंत शर्मा, प्रोक्टर एसके सिंह, पीआरओ शांतिदेव सिसोदिया मौजूद थे।
कोर्स बदलाव नहीं बताए पाए विभागाध्यक्ष
– जेयू ने कोर्स में बदलाव किया है। कोर्स बदलाव पर चर्चा की गई तो विभागाध्यक्ष जानकारी नहीं दे पाए कि क्या बदलाव किए गए हैं। प्रजेंटेशन में पिछड़ गए।
– जेयू में छात्रों के प्लेसमेंट के लिए कंपनियां नहीं आ रही है। इस पर भी चर्चा की गई।
– छात्रों के वेलफेयर के लिए समितियां बनाई गई हैं, लेकिन ये समितियां काम क्या कर रही है, यह जानकारी नहीं दे पाए।
– छात्रों की शिकायतों के लिए ऑन लाइन पोर्टल नहीं है।
– समय पर रिजल्ट और न परीक्षा हो पा रही है। इससे जेयू की छवि में गिरावट आई है।
– जेयू के भवनों का निरीक्षण किया, लेकिन उसमें छात्रों के लिए सुविधाएं नहीं थी।
– स्कूल ऑफ स्टडीज (एसओएस) में हुए प्रवेशों का डाटा पेश किया गया। इस डाटा में भिन्नाता थी।
ग्रेड के लिए सात क्रायटेरिया किए हैं निर्धारित
नेक ने विश्वविद्यालयों की ग्रेड निर्धारित करने के लिए क्रायटेरिया में बदलाव किया है। सात अलग-अलग तरह के क्रायटेरिया बनाए गए हैं। उन क्रायटेरिया पर जेयू खरी नहीं उतर रही है। इससे जेयू की ग्रेड खतरे में दिख रही है।
– जिस वक्त राज्यपाल की गठित कमेटी के पदाधिकारी बैठक ले रहे थे, उसी वक्त छात्र बाहर परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। ये छात्र रिजल्ट की समस्या लेकर आए थे। रिजल्ट देर से घोषित होने पर जेयू की साख बिगड़ी हुई है।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal