ग्वालियर-
रायरू स्थित सुरेंद्र ऑटोमोबाइल के पेट्रोल पंप पर टैंकर से तेल चोरी के मामले में तेल कंपनी बीपीसीएल के अधिकारियों को लापरवाही महंगी पड़ी है। कंपनी के सेल्स ऑफिसर,असिस्टेंट मैनेजर सहित चार पर पुरानी छावनी थाने में नापतौल विभाग ने एफआईआर दर्ज करा दी। इस मामले में कलेक्टर ने अभियोजन स्वीकृति जारी की थी जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई हुई है। टैंकर के ड्रायवर और ट्रांसपोर्टर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

ज्ञात रहे कि भारत पेट्रोलियम के रायरू डिपो से डीजल भरकर शनिवार को रायरू फार्म पर सुरेंद्र सिंह ज्ञानी के पेट्रोल पंप पर डीजल खाली करने ड्रायवर पहुंचा था। यहां अचानक डीजल टैंकर से ऑयल फैलने लगा इसलिए कर्मचारियों ने पंप मालिक को बताया। कुछ ही देर में ड्रायवर टैंकर से कागजात लेकर भाग गया। इसके बाद पता चला कि टैंकर में मोटर लगी थी और स्विच चालक की सीट के नीचे था। जैसे ही तेल अनलोड हो रहा था ड्रायवर ने मोटल चालू कर दी और टैंकर के दूसरे कंर्पाटमेंट में तेल जाने लगा। मोटल बंद करना भूलने से यह खुलासा हो गया। इस मामले में मौके पर बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर शशांक राज मिस्त्री एवं असिस्टेंट मैनेजर ऑपरेशन रजत यादव को बुलाया गया और टैंकर को डिपो में रखवाने व जांच में सहयोग के लिए कहा गया। इस पर दोनों अधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं किया। इस कारण यह हुआ कि टैंकर ड्रायवर प्रमोद ने कंप्रेशन पाइप काट दिया जिससे वाहन को चलाकर ले जाना संभव नहीं था ।मौके पर अपराध के जो संबंधित प्रमाण थे वह भी हटा दिए गए। इस पूरे कृत्य में बीपीसीएल के अधिकारी की भूमिका रही। इन दोनों अधिकारियों ने जानबूझकर जांच के दौरान न केवल असहयोग किया बल्कि जांचकर्ता अधिकारियों को डिपो में अंदर ले जाने के लिए गेट पास को देर से बनवाया। इस दौरान टैंकर चालक को सबूत मिटाने का पूरा समय मिल गया। इस पूरे ब्यौरे का प्रतिवेदन नापतौल विभाग की अधिकारी निधि श्रीवास्तव ने प्रतिवेदन थाने में दिया जिसके आधार पर शासकीय कार्य में बाधा,सबूत मिटाने और अपराधिक षडयंत्र का मुकदमा दर्ज किया गया।
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