ग्वालियर।
मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर अनुराग चौधरी ने फरियाद लेकर आई महिला से माफी मांगी थी,वह इसलिए कि उस महिला की शिकायत के अनुसार उसे 6 माह से न्याय नहीं मिला था

कलेक्टर की यह माफी सुर्खियों में आते ही पुलिस हेड क्वार्टर भोपाल तक हड़कंप मच गया। पीएचक्यू ने यहां महिला एवं बाल विकास विभाग से बुधवार को संपर्क किया और इस केस की पूरी डिटेल ली। पुलिस अफसरों और थाने से जानकारी मांगी गई कि ऐसा कौन सा मामला है जिसमें महिला को न्याय नहीं मिला और कलेक्टर तक उसमें इतनी संवेदनशीलता दिखा रहे हैं। अफसरों ने इस मामले में अपनी पतारसी के बाद यह बताया कि महिला की बेटी के साथ रेप नहीं हुआ न हत्या हुई। नहर के किनारे उसका पैर फिसलने से ऐसा हादसा हुआ था
ज्ञात रहे कि कलेक्टर की मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में आंतरी थाना क्षेत्र के ग्राम तोड़ा आदिवासी का पुरा की रहने वाली महिला ने आवेदन पत्र कलेक्टर को दिया। उसमें लिखा हुआ था कि चौथी बार आवेदन दे रही है लेकिन न्याय नहीं मिला। महिला ने बताया कि छह माह पहले उसकी बेटी के साथ युवक ने दुष्कर्म किया और हत्या कर नहर में लाश फेंक दी। तीन दिन बाद लाश मिली थी। इस मामले में आंतरी थाना पुलिस से लेकर वरिष्ठ पुलिस अफसरों तक ने कोई सुनवाई नहीं की। यह मामला सुनते ही कलेक्टर ने भरी जनसुनवाई में महिला से कहा कि हम मांफी मांगते हैं कि आप न्याय के लिए भटक रहीं हैं। कलेक्टर ने तत्काल अधिकारियों को निर्देशित किया।
पैर फिसलकर हुई थी मौत
जो महिला शिकायत कर रही है कि उसकी बेटी के साथ रेप हुआ और हत्या की गई। उसकी बेटी का नहर किनारे पैर फिसला और गिरकर मौत हो गई। किसी के कहने पर महिला आरोप लगा रही है।
सुरेंद्र सिंह गौर,एएसपी देहात ग्वालियर
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