ग्वालियर- सराफा बाजार से एक महीने पहले करीब 10 करोड़ रुपए की रकम लेकर परिवार सहित गायब हुए रेनवाल ज्वेलर्स के संचालक नागपुर पुलिस ने पकड़ लिए हैं। वे एक फ्लैट लेकर वहां रह रहे थे। कोतवाली पुलिस का एक दल संचालकों को लेने रवाना हो गया है। ज्ञात हो कि रेनवाल ज्वेलर्स के संचालकों की अग्रिम जमानत की याचिका भी जिला न्यायालय से खारिज हो चुकी है।
सराफा बाजार में रेनवाल ज्वेलर्स के संचालक दीपक रेनवाल और संजय रेनवाल का ज्वेलरी और बर्तन का पुश्तैनी काम है। बाजार से उन्होंने नगद रकम और सोना-चांदी धातुओं के रूप में करीब 10 करोड़ रुपए अपनी साख पर उधार लिए थे। करीब बीस से बाइस लोगों ने उन्हें यह रकम दे भी दी।
कुछ दिनों से उन्होंने अपनी दुकान में रखे सोने-चांदी के गहने धीरे-धीरे बेचना शुरू कर दिए थे। लोगों को शंका न हो, इसके लिए गहनों के स्थान पर आर्टिफिशियल गहने दुकान में रखना शुरू कर दिए थे। कुछ लोग उधारी पर दी गई रकम वापस मांगने भी पंहुचे थे। लेकिन इस बीच सराफा कारोबारी घर-दुकान में ताला लगाकर परिवार सहित गायब हो गया था।
अतुल की एफआईआर से हुई कार्रवाई
डीडवाना ओली के कारोबारी अतुल अग्रवाल ने 10 लाख रुपए का चेक नरसिंह दास रेनवाल फर्म के संचालक गोपाल दास के नाम दिया था। गोपाल दास, दीपक और संजय के पिता हैं। जब चेक से दी गई रकम नहीं लौटाई गई तो श्री अग्रवाल ने कोतवाली थाना में एफआईआर करवाई, जिसमें पिता के साथ पुत्रों के नाम का भी उल्लेख किया गया।
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