ग्वालियर- जीवाजी यूनिवर्सिटी द्वारा पीएचडी अवार्ड करने में गड़बड़ी की शिकायत होने पर हाईकोर्ट ने जांच आयोग का गठन किया है। आयोग अभी जांच कर रहा है। इस बीच एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और उच्च शिक्षा विभाग में शिकायत की है कि वह पीएचडी के लिए गाइड बनने की पूरी योग्यता रखते हैं, इसके बावजूद उन्हें गाइड नहीं बनाया गया है। यह गड़बड़ी है।

इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। कमेटी के सदस्य डाॅ. आरके श्रीवास्तव और डॉ. शरद भदौरिया ने शनिवार से जांच शुरू कर दी है। शनिवार को इस मामले में शिकायत करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के बयान समिति लिए और दस्तावेजों की जांच की।
प्राइवेट कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अरुण शर्मा ने राज्यपाल और ईओडब्ल्यू में शिकायत की थी कि उन्होंने हिन्दी साहित्य में पीएचडी की है। वह 5 साल से ज्यादा समय से कॉलेज में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। उन्हें गाइड बनने की पर्याप्त योग्यता है इसलिए उन्होंने इसके लिए आवेदन किया था। उन्हें गाइड नहीं बनाया गया। उच्च स्तर पर शिकायत करने से पहले डॉ. शर्मा कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, रजिस्ट्रार आईके मंसूरी के पास भी शिकायत लेकर पहुंचे थे लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई थी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस माम
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