ग्वालियर-
उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के जीएम जनरल मैनेजर ने आखिर कार वीडियो कॉन्फेंस के जरिए झांसी मंडल के सीनियर डीसीएम को बड़ा झटका दे दिया। सीनियर डीसीएम विपिन कुमार सिंह द्वारा जारी की गई डेढ़ दर्जन से अधिक कर्मचारियों की ट्रांसफर सूची को रद्द कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को अभी यथा स्थान पर रखने के आदेश देते हुए मामले की जांच के लिए डीआरएम को कहा है।

खुद की बिदाई से चंद घंटे पहले ट्रांसफर सूची जारी करने वाले सीनियर डीसीएम को लगा था कि उनके इस कदम पर वरिष्ठ अधिकारी कोई अपत्ती नहीं लेंगे। लेकिन ट्रांसफर सूची की आवाज जब इलाहाबाद में गूंजी तो जीएम को स्वयं आदेश जारी करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि सीनियर डीसीएम विपिन कुमार सिंह का 1 मई को ट्रांसफर हो गया था। जिन्होंने 9 मई को फेयर वेल पार्टी से पहले अपना चार्ज भी सौंप दिया। लेकिन चार्ज सौंपने से पहले उन्होंने करीब 20 कर्मचारियों की ट्रांसफर सूची जारी कर दी। सूची जारी करते ही उनकी दरियादिली चर्चा में आ गई। यह सूची झांसी मंडल से लेकर इलाहाबाद तक चर्चित हुई थी। जिसके बाद रेलवे प्रबंधन में चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ और जनरल मैनेजर को आखिर कदम उठाना पड़ा।
ट्रांसफर सूची पर आखिर क्यों हुआ बबाल-
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोई भी अधिकारी ट्रांसफर के होने के बाद इतनी तदात में ट्रांसफर नहीं करता । उसका कारण है कि इतनी मात्रा में फेरबदल होंगे तो आने वाला अधिकारी को काम करने में परेशानी होगी। जबकि स्थानांतरण का उद्देश्य ही कार्य को सुगम बनाना होता है।यही कारण रहा कि चार्ज सौंपने पर स्थानांतरण सूची जारी करने पर बबाल खड़ा हो गया।
ट्रांसफर प्रशासनिक दक्षता को बेहतर करने के लिए होते-
जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना था कि वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अपने विभाग के प्रमुख होते हैं एवं जो भी प्रशासनिक परिवर्तन किए जाते हैं वह प्रशासनिक दक्षता को और बेहतर करने हेतु किए जाते हैं।
वर्जन-
सूची को होल्ड कर दिया गया है, आगे जारी होगी।
जितेन्द्र कुमार , सीनियर डीसीएम झांसी मंडल
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