ग्वालियर झाँसी रोड ७५ हाइवे और ग्वालियर शिवपुरी रोड भितरवार डबरा रोड रिकॉर्ड तोड़ हो रहीं वाहन दुर्घटनाएं
ग्वालियर -डबरा झाँसी रोड ७५ हाइवे और ग्वालियर शिवपुरी रोड भितरवार डबरा रोडपर बीते साल की तरह रिकॉर्ड तोड़ वाहन दुर्घटनाएं
हो रहीं,
बढ़ रहे मौत के आंकड़े

पुलिस की लापरवाही मिलीभगत और २ ट्राली नियम विरुद लगाकर चलना बह दुर्घटना का कारण बनता बीते साल की तरह इस साल भी वाहन दुर्घटनाओं के होने का क्रम लगातार जारी है। जिसमें थोड़ी सी असावधानी के कारण हर दिन जिले भर में आधा दर्जन से अधिक घटनाएं घटित हो रहीं हैं। जिसमें सबसे अधिक शराब के नशे में वाहन चलाना, बीच रास्ते में वाहनों को खड़ा करने से दूसरे वाहनों का टकराना तथा मालवाहकों को सवारी गाडिय़ों के रूप में उपयोग कर लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं सर्वाधिक देखने मिल रहीं हैं।
इसी तरह से कृषि कार्य के उपयोग में लिए जाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली का दुरुपयोग करने से भी वाहन दुघटनाएं सर्वाधिक सामने आईं हैं। हालांत यह हैं कि साल भर में करीब पौने दो सौ लोग काल के गाल में समा जाते हैं। और छह सैकड़ा से अधिक जिंदगी और मौत से संघर्ष करते रहते हैं। जिनमें यात्री या तो अपाहिज हो जाते हैं या फिर शरीर के किसी अंग को हमेशा के लिए कमजोर बना बैठते हैं। यदि आंकड़ों की बात की जाए तो हर
पुलिस की लापरवाही मिलीभगत और २ ट्राली नियम विरुद लगाकर चलना बह दुर्घटना का कारण बनता
मामले में अगर आंकड़ों की बात की जाए तो हर दो दिन बाद एक व्यक्ति की वाहन दुर्घटना में मौत हो रही है। इसी तरह से हर दिन दो से अधिक घायल होने के बाद जिंदगी भर को अपने शरीर का कोई न कोई अंग खो बैठते हैंं।
इसलिए हो रहीं दुर्घटनाएं-
वाहन दुर्घटनाओं पर नजर डाली जाए तो छोटी-छोटी सी भूल लोगों के लिए मौत के आगोश में ले जाती है। जिसमें जल्दबाजी में लोग अपने वाहन से नियंत्रण खो बैठते हैं और टकराने के बाद अपनी जान गंवा बैठते हैं। इस मालले में शराब पीकर वाहन चलाना भी सर्वाधिक देखने मिलता है। बीते साल की अगर बात की जाए तो अनेकोमामले ऐसे रहे हैं जिसमें शराब पीकर वाहन चलाने से कईलोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही कई लोगों को अपाहिज बनकर जीवन जीने विवश होना पड़ रहा है।
वाहन की दुरुपयोग होता है खतरनाक –
कृषि कार्य में अथवा किसी भी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए बनाए गए वाहनों को जब यात्री वाहनों की तरह उपयोग किया जाने लगता है तो वह खतरनाक साबित होते हैं। जिससे बैठाए गए यात्रियों की जिंदगी किसी खतरे से खाली नहीं होती। इसमें मालवाहकों में सवारियों को ढोने के दौरान सबसे अधिक घटनाएं सामने आईं हैं। इसके साथ ही ट्रैक्टर में माल की जगह सवारियों को बिठाकर ले जाने या फिर भूसा को ओवरलोड करके ट्रॉलियों में भरकर परिवहन करने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जाता है। इस तरह की लापरवाही के दुष्परिणाम भी सामने आए हैं।
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ट्रैक्टर में ओवरलोड भूसा बनाकारण। इसके कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक और ओवरलोड भूसा से भरा ट्रैक्टर पलटने से दुर्घटना हो गई थी। दरअसल ट्रैक्टर-ट्रॉली में ओवरलोड भूसा भरने के बाद वह खुलेआम मुख्यमार्गों से जाता रहा और जिम्मेवार लोगों का इस ओर ध्यान नहीं गया। यदि वाहन जब्त कर चालानी कार्रवाई कर दी जाती तो शायद हादसा होने बच सकता था।
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