युवक के किन्नर की तरह रहने का यह पहला मामला पुलिस और काउंसलर के पास पहुंचा था। वैसे हर महीने 15 मामले आते हैं, जिनमें पति-प|ी के बीच अलग-अलग कारणों से झगड़ा होता है और परिवार टूटने से बचाने के लिए इनकी काउंसलिंग की जाती है।
इस तरह का पहला मामला… हर महीने आते हैं 15 मामले
चार महीने अलग-अलग काउंसिलिंग के बाद तय किया, बच्चों के लिए साथ रहेंगे
सुनील और सुनीता की काउंसलिंग प्रीति जोशी और प्रशंसा सक्सैना ने की। उन्हाेंने पहले दाेनाें की अलग-अलग काउंसिलिंग की गई। फिर साथ में। इस दाैरान दोनों ने एक दूसरे की परेशानी समझी। फिर सुनील ने प|ी को विश्वास दिलाया कि जब वह घर में रहेगा तो पुरुष की तरह रहेगा। प|ी ने इस पर सहमति दे दी। दोनों बच्चों के लिए साथ रहने को तैयार हो गए। मार्च से दोनों साथ में ही रहते हैं। सुनील टोली के साथ जाता है, साड़ी भी पहनता है, नाचता-गाता है। लेकिन घर में प|ी और बच्चों के साथ पुरुष बनकर ही रहता है।
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