ग्वालियर-दतिया इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के कटापुर गांव में हारवेस्टर स्टाफ व दलाल के बीच हुऐ विवाद में हारवेस्टर स्टाफ द्वारा दलाल को गोली मारने का मामाला सामने आया है। जिसमें दलाल की मौत हो गयी थी। पुलिस ने हत्या के दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार कष्ण चंद्र 20 पुत्र बलवीर सिंह लोधी निवासी ग्राम लोधीपुरा ने थाने में शिकायत की है कि उनका भाई शिवपुरी से हारवेस्टर मशीन किराए पर लेकर आया था। जिसके जरिए क्षेत्र के कटापुर गांव में गजेंद्र सिंह लोधी के खेत में फसल की कटाई का काम चल रहा था। तभी मंगलवार सुबह 6 बजे उसका भाई गगन उर्फ गब्बर लोधी पुत्र बलवीर लोधी निवासी लोधीपुरा आ गया और पैसे के लेनदेन को लेकर हारवेस्टर के स्टाफ से झगड़ा हो गया। इस दौरान स्टाफ में हेल्पर लोकेंद्र लोधी निवासी शिवपुरी और ड्राइवर गुरवीर सिंह उर्फ धीरा सरदार निवासी पंजाब का भाई के साथ विवाद हो गया। जिसमें धीरा ने भाई को पकड़ लिया और लोकेंद्र ने उसे कटटे से गोली मार दी। जो उसके सिर के पिछले हिस्से में लगने से गगन की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। जिन्हे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
-पैसे के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद
म्रतक के भाई कृष्ण चंद्र ने बताया ग्राम कटापुर में कटाई चल रही थी। रोजाना की तरह हारवेस्टर पर में और मेरी भाभी नेहा, चाचा इमरत व हारवेस्टर का स्टाफ ड्राइवर धीरा सरदार और हेल्पर लोकेंद्र कटाइ का काम कर रहे थे। तभी सुबह पांच बजे भाई गगन मौके पर आया। जिससे पैसे को लेकर ड्राइवर व हेल्पर से उसका विवाद होना शुरू हो गया। जो काफी देर तक चलता रहा। इस दौरान स्टाफ के लोग बार बार भाई से कटाई की आधी रकम मांग रहे थे। लेकिन भाई ने कहा कि मैं पूरे पैसे हारवेस्टर के मालिक को दूंगा। इसी बात पर स्टाफ के लोगों ने कहा अगर पैसे नहीं देगा तो हम तुझे जान से मार देंगे। और भाई को धीरा ने पकड़ कर पैसे लेने का प्रयास किया। हम लोग भी जबतक वहां पहुंचे तो लोकेंद्र ने कटटे से फायर कर दिया। जिसमें निकली गोली से भाई की मौत हो गयी। पुलिस को मौके से खाली कारतूस भी मिला है।
-दलाली का काम करता था युवक
-हारवेस्टर के हेल्पर के पास कहां से आया कटटा
परिजनों ने बताया कि म्रतक गगन हारवेस्टर की दलाली का काम करता था। जो शिवपुरी में अपने किसी रिश्तेदार के यहां से कमीशन पर हारवेस्टर को लेकर आता था। और पूरे क्षेत्र में कटाई का काम करता था। और गगन के मनमुताबिक ही खेतों में कटाई की जाती थी। यह बात भी स्टाफ को कई बार खल जाती थी। और खेत मालिकों से पैसे भी वह खुद ही ले लेता था। जिससे स्टाफ को पैसे नहीं मिल पाते थे।
-हारवेस्टर के हेल्पर के पास कहां से आया कटटा
गौरलतलब है कि इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में गेंहू की फसल की कटाई का काम चल रहा है। जिसके चलते बाहर से हारवेस्टर बाहर से आ रही हैं। जिन पर स्टाफ के लोगों के रूप में आसानी से बाहर से आने वालें लोगों की पुलिस द्वारा कोई पड़ताल नहीं की जाती है। जो बाद में इस तरह की हत्या से संगीन घटनाओं को अंजाम देते हैं। अगर स्टाफ की जांच पड़ताल की गई होती तो शायद उक्त घटना घटित ही न होती। आखिर हारवेस्टर के हेल्पर के पास कटटा कहां स आया। उक्त घटना के दौरान तो प्रत्यक्षदर्शी मौजूद थे। यदि यही घटना अकेले में घटित हुई होती तो आरोपियों का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता।
– पुलिस द्वारा भी नहीं की जाती पूछताछ
हारवेस्टर लेकर आने वाले लोगों से न तो किसी तरह की पूछताछ की जाती है। और नाहीं किसी तरह की पड़ताल फिर चाहे हारवेस्टर का स्टाफ कोई मजदूर हो या दूसरे जिले में आपराधिक रिकार्ड रखने वाला कोई अपराधी। पूछताछ न होने के भय से ये लोग आसानी से एक जिले से दूसरे जिले में घूमते रहते हैं। वो भी बिना किसी रोक टोक। चैकिंग का भय न होने से ये लोग अवैध रूप से हथियार भी लेकर चलते हैं। कटापुर में हुई घटना इस बात का जीता जागता उदाहरण है।
वर्जन
सुबह सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लेकर पीएम हाउस पर पहुंचाया। साथ ही पुलिस की सर्तकता से घटना के तीन घंटे के अंदर ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
विजय सिंह तोमर, टीआई इंदरगढ़।
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