ग्वालियर- ग्वालियर चंबल संभाग में बीते साल दो अप्रैल को हुए उपद्रव को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया को काबू में करने के लिए इंटरनेट सेवा को बाधित करने का प्रस्ताव भोपाल भेज गया है। जिसमें सोमवार दोपहर 2 बजे से दो अप्रैल रात 12 बजे तक इंटरनेट को बंद रखा जाए,इतना समय प्रस्ताव में मांगा गया है। गृह विभाग को भेजे गए प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद ही इंटरनेट सेवा बंद की जाएगी। वहीं शहर-देहात के एक-एक संवेदनशील इलाके को अफसरों ने रडार पर ले लिया है। इंटेलिजेंस इनपुट को भी बार-बार क्रॉस चेक करने के आदेश दिए गए है।

बता दें कि पिछले साल दो अप्रैल को इंटेलिजेंस फेल होने के कारण ग्वालियर सहित प्रदेशभर में आमजन को हिंसक उपद्रव का सामना करना पड़ा था,जिसमें सात लोगों की जान भी गई थी। इस मामले को लेकर पुलिस का खुफिया विभाग भी इस आग को भांप नहीं सका था। एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन को लेकर एससी-एसटी वर्ग के उत्पातियों ने कोहराम मचा दिया। इसके बाद इंटरनेट बंद और कफ्र्यू लगाने जैसे कदम उठाने पड़े तब स्थिति काबू में आ सकी।
सोशल मीडिया की मुख्य भूमिका
प्रशासन व पुलिस का मनाना है कि सोशल मीडिया पर आने वाली अफवाहों को एक-दूसरे को भेजने का सिलसिला इतना तेज हो जाता है कि उसे काबू करना मुश्किल होता है।ऐसे में ग्राउंड लेवल पर तो भीड़ या उपद्रव देखकर स्थिति को काबू किया जा सकता है, लेकिन सोशल मीडिया पर सीधा कोई कंट्रोल नहीं हो पाता है। पिछले दो अप्रैल 2018 के घटनाक्रम के पीछे भी सोशल मीडिया की बहुत बड़ी भूमिका रही थी।
जिले में हाई अलर्ट
ग्वालियर जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जिला प्रशासन ने एक और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट संदीप केरकेट्टा की ओर से जारी किए गए आदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार के शासकीय व अद्र्घशासकीय कार्यालय,निगम,मंडल एवं बोर्ड आदि के अधिकारी, कर्मचारी बिना लिखित सक्षम अनुमति लिए बिना अवकाश पर नहीं रहेंगे तथा मुख्यालय भी नहीं छोड़ेंगे।
किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति के 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने,धरना प्रदर्शन, जुलूस,नारेबाजी,भीड़ का जमाव भी प्रतिबंधित रहेगा। इतना ही नहीं जिले में आम्र्स अधिनियम के तहत शस्त्र लाइसेंस निलंबित हैं,लेकिन न्यायाधीशों, प्रशासनिक अधिकारी,उनकी सुरक्षा एवं अन्य किसी शासकीय कर्तव्य पालन के समय ड्यूटी पर लगाए गए सुरक्षाबलों अर्ध सैनिक बलों, विशिष्ट व्यक्तियों-अधिकारियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिसकर्मियों को छोडकऱ प्रत्येक व्यक्ति का शस्त्र धारण करना एवं प्रदर्शन करना प्रतिबंधित किया गया है।
यह कोई कार्रवाई
प्रशासन की ओर से आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के विस्फोटक,आयुध तथा ऐसी सामग्री जिससे खतरा उत्पन्न हो सकता है। हथियार जैसे लाठी, डंडा, सरिया फावड़ा हॉकी आदि का प्रदर्शन नहीं करेगा, न ही लेकर चलेगा। किसी भी प्रकार के कट आउट बैनर पोस्टर फ्लेक्स होर्डिंग्स झंडे आदि पर किसी भी धर्म व्यक्ति संप्रदाय जाति या समुदाय के विरुद्घ नारे या अन्य भडक़ाऊ भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
किसी भी भवन संपत्ति चाहे वह सार्वजनिक हो या निजी उस पर आपत्तिजनक भाषा अथवा भडक़ाऊ नारे लिखना प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं कर सकेगा। साथ ही वर्ग धर्म एवं संप्रदाय में विद्वेष उत्पन्न करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड नहीं करेगा। यदि वह ऐसा करता है तो कानून के तहत उस पर कार्रवाई की जाएगी।
भारी संख्या में पुलिस तैनात
प्रशासन व पुलिस की ओर से यह आदेश 1 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 3 अप्रैल की रात्रि 12 बजे तक जिले की सीमा क्षेत्र में प्रभाव शील रहेगा। वहीं आदेश का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डबरा शहर को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां भी भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है।
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