गंगभोज में शामिल 200 से अधिक लोग ग्राम सांखनी में फूड पॉइजनिंग का शिकार
ग्वालियर-
भितरवार विकासखंड के ग्राम सांखनी में 29 मार्च को गंगभोज में शामिल होने के दो दिन बाद 200 से ज्यादा ग्रामीण बीमार हो गए। प्रारंभ में कुछ ग्रामीणों को रात में पेट-दर्द की शिकायत हुई, तो उन्होंने पेट दर्द की दवा खाकर काम चला लिया। लेकिन शनिवार शाम से ग्रामीणों को उल्टी, बुखार, सिर-दर्द, पेट दर्द और दस्त की समस्या बढ़ने लगी।
रविवार की सुबह तक गांव के बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए गांव के उपस्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे। वहां कुछ लोगों की हालत ज्यादा गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने 28 मरीजों को भितरवार के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और चार गंभीर मरीजों को ग्वालियर रेफर कर दिया।
बताया गया है कि सांखनी गांव में लखनलाल पंडा की मृत्यु होने पर उनके पुत्र विनोद पंडा द्वारा गंगभोज का आयोजन विगत 29 मार्च को किया गया। इसमें ग्राम सांखनी, झाऊ, खड़ीचा, लोहारी, पवाया, रायचौरा, मछरिया सहित अन्य गांव के लोगों को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया।
सभी लोग खाना खाने पहुंचे। घर लौटने के बाद सांखनी गांव में कुछ लोगों की पेट दर्द व उल्टी जैसी समस्या हुई, तो लोगों ने मेडिकल स्टोर से दवा ले ली। इसके बाद शनिवार की शाम गांव के लिए अन्य लोगों की तबीयत भी खराब होने लगी और धीरे धीरे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी।
रात को लगभग गांव के सभी लोग पेट-दर्द, सिर दर्द, बुखार, उल्टी और दस्त की परेशानी से ग्रसित हो गए और सोमवार को सुबह अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में अचानक बढ़ी मरीजों की भीड़ देखकर डॉक्टरों के भी हाथ-पांव फूूल गए, क्योंकि इलाज के लिए उपस्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे मरीजों के लेटने के लिए पर्याप्त पलंग नहीं मिले। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण डॉक्टरों ने मरीजों को गैलरी, फर्श तथा टेबल पर लिटाकर इलाज किया और ड्रिप चढ़ाई। ड्रिप चढ़ने तथा इंजेक्शन लगाने के बाद मरीजों को थोड़ी राहत मिल गई। सांखनी के उप-स्वास्थ्य केन्द्र में करीब 190 लोगों के नाम मरीजों की सूची में दर्ज हैं। इनमें से 28 गंभीर मरीजों को भितरवार सामुदायिक अस्पताल तथा 4 अति गंभीर मरीजों को ग्वालियर भिजवाया गया है। इनके अलावा 15-20 मरीजों ने ग्वालियर के निजी अस्पतालों की राह पकड़ ली।
इलाज के लिए पहुंची डॉक्टरों की मोबाइल टीम
घटना की जानकारी लगते ही एसडीएम अशोक सिंह चौहान, तहसीलदार कुलदीप दुबे, एसडीओपी दिलीप जोशी, नायब तहसीलदार ज्योति जाटव, सीएमएचओ डॉ. मृदुल सक्सेना दीनदयाल उपाध्याय चलित चिकित्सक टीम को लेकर गांव में पहुंचे और बीमार लोगों की स्थिति का जायजा लिया। मरीजों को सांत्वना देते हुए डॉक्टरों को बेहतर उपचार सेवाएं देने के लिए निर्देशित किया। मरीजों को संभालने के लिए बीएमओ डॉ. यशवंत शर्मा के नेतृत्व में एमपीडब्ल्यू, एएनएम, स्टाफ नर्स, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर तथा कार्यकर्ता भी गांव पहुंची और इलाज में मदद की।
इन लोगों की हालत गंभीर
गिर्राज शर्मा (19), छोटेलाल मिश्रा (32), नवल किशोर तिवारी (22), नरेन्द्र रावत (22), गोविंद कोठिया (23), प्रहलाद गौड़ (29), हरि (40), अमर सिंह (40), नरेन्द्र गौड़ (23), कप्तान गौड़ (30), जितेन्द्र सूर्यवंशी (22), आशुतोष (15), मनीष गौड़ (18), गिर्राज (5), चोखेलाल (40), पंकज गौड़ (22), राधेश्याम गौड़ (33), भगवती सोनी (55), गौरव (16) को इलाज के लिए भितरवार सामुदायिक अस्पताल में भर्ती किया गया है।
इनके अलावा रानी (25) पत्नी अरविंद सेन, वासुदेव (50) पुत्र सीताराम योगी, सचिन (14) पुत्र राजू गौड़ तथा आशुतोष (15) पुत्र पप्पू शर्मा की स्थिति ज्यादा गंभीर होने के कारण इन्हें इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
इनका कहना है
ग्रामीणों द्वारा फूड पॉइजनिंग संबंधी जानकारी दी गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजकर सभी का उपचार कराया गया है। गांव में भर्ती सभी लोगोें की स्थिति नियंत्रण में है।
अशोक सिंह चौहान, एसडीएम भितरवार
गंग भोज में ग्रामीणों ने 6 घंटे से अधिक समय पूर्व का बना हुआ खाना खाया है। इसके कारण समस्या उत्पन्न् हुई है। 6 घंटे से अधिक समय से पूर्व बने खाने में जीवाणु उत्पन्न् हो जाते हैं, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं। जीवाणुओं के कारण बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं उत्पन्न् होने लगती हैं।
-डॉ. मृदुल सक्सेना, सीएमएचओ, ग्वालियर
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal